सीबीएसई 12वीं में सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल का शानदार प्रदर्शन, 97.2% अंकों के साथ आरव मित्तल बने स्कूल टॉपर
देहरादून, (BNE): केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित कक्षा 12वीं (AISSCE) के परीक्षा परिणामों में सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाया है। इस वर्ष स्कूल का कुल औसत परिणाम (School Average) शानदार 85.2 प्रतिशत दर्ज किया गया। परीक्षा में शामिल छात्रों ने अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन से विद्यालय का नाम रोशन किया है।ह्यूमनिटीज स्ट्रीम का रहा दबदबा, कॉमर्स के आरव चमकेविद्यालय में इस वर्ष तीनों संकायों में से ह्यूमनिटीज (मानविकी) का प्रदर्शन सबसे बेहतरीन रहा, जिसका कुल औसत 88.6 प्रतिशत रहा। इसके बाद कॉमर्स स्ट्रीम ने 85.74 प्रतिशत और साइंस स्ट्रीम ने 82.1 प्रतिशत का औसत स्कोर हासिल किया।
इन मेधावियों ने गाड़े सफलता के झंडे
कॉमर्स स्ट्रीम:
छात्र आरव मित्तल ने 97.2 प्रतिशत अंकों के साथ न केवल अपनी स्ट्रीम, बल्कि पूरे स्कूल में शीर्ष स्थान हासिल किया है। इसी स्ट्रीम में गुल चौधरी 95.8 प्रतिशत के साथ दूसरे और करन बिरानी 95 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
ह्यूमनिटीज स्ट्रीम: अंगशान लिया डब्ल्यू. कोन्याक और तायर रीकम ने 94.8 प्रतिशत अंक पाकर संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। इनके बाद ऋषि कुमार (92.2%) और मिराइका जैन (90.4%) ने बाजी मारी।
साइंस स्ट्रीम:
विज्ञान वर्ग में खुशी नंगलिया 91.2 प्रतिशत अंकों के साथ शीर्ष पर रहीं। वहीं स्टैंजिन स्टोबजोर ने 90.8 प्रतिशत और भावेश मखारिया ने 89.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा साबित की।
कई विषयों में मिले परफेक्ट 100 अंक
इस वर्ष स्कूल के छात्रों ने कई विषयों में शत-प्रतिशत (100) अंक हासिल किए हैं। एकाउंटेंसी, इकोनॉमिक्स, साइकोलॉजी और पेंटिंग में छात्रों ने पूरे 100 अंक बटोरे। इसके अलावा इंग्लिश में 99, हिस्ट्री व म्यूजिक में 98 और फिजिकल एजुकेशन में 97 अंक हाईएस्ट रहे।
मेहनत, अनुशासन और समर्पण की जीत
यह शानदार परिणाम सिर्फ अंकों और रैंकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन युवाओं के धैर्य और संकल्प को दर्शाता है जिन्होंने अपने जीवन के इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक पड़ाव को पार किया है। इस पूरी यात्रा में विद्यालय के शिक्षकों ने हर कदम पर छात्रों का मार्गदर्शन किया और उन्हें निरंतर सहयोग दिया। सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल के लिए यह परिणाम इस बात का प्रमाण है कि उत्कृष्टता किसी एक पल के उत्सव से नहीं, बल्कि दैनिक प्रयासों और कड़े अनुशासन से निर्मित होती है।










