
कन्नौज: जिला सलाहकार समिति एवं जिला समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न
योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप ऋण वितरण बढ़ाएं, लंबित प्रकरण शीघ्र निस्तारित करें : डीएम
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में जिला सलाहकार समिति (डीएलसीसी) एवं जिला समन्वय समिति (डीसीसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की वार्षिक ऋण योजना, ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो), विभिन्न बैंकिंग योजनाओं तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित स्वरोजगार एवं रोजगारपरक योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1700 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित है। इसके सापेक्ष अब तक 1159 आवेदन प्राप्त हुए, 259 आवेदन स्वीकृत किए गए तथा 269 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया गया। इस प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण जनहितकारी योजना है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, इंडियन बैंक एवं आईसीआईसीआई बैंक सहित उन सभी बैंकों को कड़े निर्देश दिए जिनकी उपलब्धि 20 प्रतिशत से कम है। उन्होंने कहा कि “माह के अंत में लक्ष्य पूरा करने की प्रवृत्ति समाप्त करें। प्रत्येक बैंक मासिक कार्ययोजना बनाकर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नियमित प्रगति सुनिश्चित करे। पात्र आवेदकों के प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रखें तथा सभी लंबित ऋण प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करें।” उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों एवं बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अधिकाधिक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए।
बैठक में उपायुक्त उद्योग ने अवगत कराया कि एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत 25 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर 25 प्रतिशत, 25 से 50 लाख रुपये तक 20 प्रतिशत, 50 लाख से 1.50 करोड़ रुपये तक 15 प्रतिशत तथा 1.50 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं पर 10 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। समीक्षा में पाया गया कि ₹67 लाख के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र ₹6.05 लाख (9.02 प्रतिशत) का ऋण वितरण हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि योजना की प्रगति में तत्काल सुधार लाया जाए तथा बैंकों को भेजे गए सभी प्रकरणों की सूची उपलब्ध कराई जाए।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में ₹185 लाख के लक्ष्य के सापेक्ष ₹36.64 लाख का ऋण वितरण करते हुए 19.80 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त हुई। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना में 92.16 प्रतिशत तथा मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना में 65.97 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। वहीं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) में 3573 समूहों के लक्ष्य के सापेक्ष 1590 समूहों को ऋण स्वीकृत कर 44.50 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देशित किया कि प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा एवं गंभीरता के साथ निर्वहन करे। कार्यों की गति तेज की जाए, अनावश्यक विलंब एवं भ्रम की स्थिति से बचा जाए तथा किसी भी प्रकरण को एक-दूसरे पर न टाला जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूर्ण करें, क्योंकि प्रत्येक कार्य की समीक्षा एवं जांच होती है और जवाबदेही भी तय की जाती है।
बैठक में समाज कल्याण मंत्री के प्रतिनिधि आर.एस. कठेरिया, डीसी एनआरएलएम श्री राजकुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक डॉ. रंजीत सिंह, उपायुक्त उद्योग श्री प्रेमकांत, जिला कृषि अधिकारी श्री संत लाल गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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