
कन्नौज: बढ़ा तनाव, वकीलों ने घूम घूम कर की नारेबाजी, नही करेंगे काम
एसडीएम या तो वार्ता कर सुलझाएं मसला या करा दें एफआईआर: डीएम
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज। तहसील कन्नौज में बार और बेंच के बीच बढ़ता हुआ तनाव कभी भी विस्फोटक रूप ले सकता है। मामला इस हद तक बढ़ गया है कि दोनों पक्ष एक दूसरे से आमने सामने वार्ता को भी तैयार नही है।
शानिवार को सार्वजनिक अवकाश के चलते आज जैसे ही सदर तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन प्रारम्भ हुआ अधिवक्ताओं ने एक जुट होकर घूम घूम कर प्रशासन विरोधी नारेवाजी करने लगे। थोड़ी देर बाद पहुंचे जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने शोर सुनकर एसडीएम सदर से कहा कि वे या तो अधिवक्ताओं से वार्ता कर समस्या का समाधान करें या फिर अराजकता फैलाने के लिए अधिवक्ताओं के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराएं।
इसी बीच अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से तहसील सभागार में जाने की कोशिश की तो उन्हें बाहर ही रोक दिया गया कहा गया कि ज्ञापन देने के लिए 5 अधिवक्ताओं का समूह अंदर आ जाये। इस पर अधिवक्ताओं ने इनकार कर दिया और हल्ला मचाते हुए परिसर में घूमने लगे।
बाद में उन्होंने अपना यह ज्ञापन सार्वजनिक करते हुए इसकी प्रति मीडिया को जारी कर दी है। ज्ञापन में कहा गया है कि उप जिलाधिकारी कन्नौज सुश्री वैशाली द्वारा अधिवक्ताओं के साथ उपेक्षापूर्ण व्यवहार किये जाने व न्यायिक व वादकारियों से सम्बन्धित समस्याओं का निराकरण करने में हीला हवाली करने व कोई रूचि न लेने व अधिवक्तागणों व बादकारी आम जनता से सम्मान जनक व्यवहार न करने व लम्बे समय से आदेश में सुरक्षित तमाम पत्रावलियों में आदेश न करने व वाद कारियों व आम जनता व अधिवक्तागणों से लगातार मिलने से इन्कार करने से हम सभी अधिवक्तागण बेहद क्षुब्ध व दुखी है। पीठासीन अधिकारी के तानाशाही पूर्ण व अमर्यादित व्यवहार से हम अधिवक्तागणों ने काफी रोष व्याप्त है। पीठासीन अधिकारी द्वारा न्यायिक कार्य न होने के बावजूद तमाम बादों को सुनवाई किये बगैर अदम पैरवी में खारिज किये जाने से वादकारियों को भारी नुकसान हो रहा है।
तहसीलदार कन्नौज पद पर कार्यरत अर्पित कुमार यादव (ज्वाइट मजिस्ट्रेट) द्वारा कोई न्यायिक व प्रशासनिक कार्य न करने व तमाम अविवादित नामान्तरण वादों में काफी समय बीत जाने के उपरान्त आदेश पारित न करने से वादकारी व आम जनता को हो रही परेशानी से हम सभी अधिवक्तागण बेहद परेशान है।
जनपद के कई राजस्व व चकबन्दी न्यायालयों व कार्यालयों में भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है। जिससे वादकारियों का शोषण हो रहा है और पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिल पा रहा है। इस सम्बन्ध में अधिवक्तागणों द्वारा कई बार डीएम को अवगत भी कराया जा चुका है लेकिन अब तक समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ है। उप निबन्धक कन्नौज अश्वनी कुमार वर्मा द्वारा लगातार भ्रष्टाचार व अधिवक्ताओं व निबन्धन हेतु प्रस्तुत पक्षकारों से अभद्रता कर व डरा धमका कर प्रस्तुत विलेखों में तमाम मनगढ़त व अबिधिक कुटिलताएं उतपन्न कर पक्षकारों से अविधिक तरीके से धन दोहन किया जा रहा है। जिसके सम्बन्ध मे द्वारा कई बार विरोध व्यक्त करते हुये अधिवक्तागण द्वारा उक्त उप निबन्धक द्वारा की जा रही अनियमितताओं व भ्रष्टाचार के सम्बन्ध में बार बार अवगत कराये जाने के बावजूद कोई प्रभावी कार्यवाही न होने से अधिवक्तागण बेहद दुखी व निराश है। ऐसी विपरीत परिस्थितियों में सभी राजस्व अधिवक्तागण द्वारा आरोपित चकबन्दी व तहसील न्यायालयों में सम्मान पूर्वक कार्य करने में असमर्थ होने के कारण न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया है।
सभी अधिवक्तागणों का विनम्र अनुरोध है कि उप जिलाधिकारी कन्नौज के पद पर तैनात सुश्री वैशाली (ज्वाइंट मजिस्ट्रेट) व तहसीलदार कन्नीज पद पर कार्यरत अर्पित कुमार यादव (ज्वाइंट मजिस्ट्रेट) को तत्काल स्थानान्तरित किया जाए तथा चकबन्दी व राजस्व न्यायालयों व कार्यालयों में व्याप्त अनियमितताओं भ्रष्टाचार व उदासीनता से सम्बन्धित शिकायतों को यथाशीघ्र निस्तारण करवाया जाये। वकीलों ने चेतावनी दी है कि जब तक उक्त समस्याओं का निराकरण नहीं किया जाता है तब तक सभी अभिवक्तागण तहसील कन्नौज स्थित सभी चकबन्दी व राजस्व न्यायालयों में न्यायिक कार्य से विरत रहेगें।
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