NEW DELHI-करवा चौथ पर शारीरिक संबंध बनाना उचित है या अनुचित
इस खबर के माध्यम से जानते हैं कि करवा चौथ की रात पति-पत्नी को कैसे रहने की सलाह दी जाती है।
कहा जाता है कि दंपति व्रत के समय अगर शारीरिक संबंध बनाएं तो पाप का भागीदार बन जाते हैं। ऐसा करने पर व्रतियों का उपवास भंग हो जाता है।
नई दिल्ली(BNE )- हिंदू धर्म में करवा चौथ का विशेष महत्व है।सुहागिन महिलाएं इस व्रत का बड़ी ही बेसब्री से इन्तजार करती है। इस दिन महिलाएं इस व्रत को निर्जला रूप में रहती है इसीलिए इस व्रत को बड़ा कठिन माना जाता है। रात के समय चांद की पूजा करने के बाद इस व्रत को खोला जाता है। इस व्रत को लेकर हर किसी के मन में कई प्रकार के सवाल होते हैं। यहां आगे आपके कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब दिए गए हैं। जैसे- इस व्रत के दौरान कुछ ऐसी चीजें होती हैं, जो दंपति को नहीं करनी चाहिए। इससे वैवाहिक जीवन को नुकसान हो सकता है।
करवाचौथ के दिन पति- पत्नी को नहीं करना चाहिए ये काम
धर्म को जानने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि करवाचौथ व्रत के दिन दंपति को शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए। यहां तक की इस प्रकार के विचार भी अपने दिमाग में नहीं आने देना चाहिए। इस प्रकार के कामों को व्रत में वर्जित माना गया है। हिंदू धर्म के ग्रंथों में यह भी लिखा गया है कि चाहे व्रत कोई भी हो, करवा चौथ, तीज या नवरात्रि का महापर्व, इन दिनों में किसी भी पुरुष या स्त्री का मन में गलत विचार रखना गलत होता है। इस खबर के माध्यम से जानते हैं कि करवा चौथ की रात पति-पत्नी को कैसे रहने की सलाह दी जाती है।
करवाचौथ पर किया जाता है इन देवताओं का पूजन
इस व्रत के दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुखी जीवन की कामना करती हैं। वहीं, इस व्रत के दौरान पूरी स्वच्छता और पवित्रता का ध्यान रखा जाता है। क्योंकि यह व्रत भगवान गणपति को समर्पित होता है। इस दिन गणपति के साथ मां पार्वती की आराधना की जाती है। जो भी व्रत अन्य उपवास में लागू होते हैं, वही करवाचौथ पर भी लागू होते हैं। इसलिए किसी भी धार्मिक कार्य में और किसी भी व्रत में शारीरिक संबंध बनाना या पति-पत्नी को एक दूसरे के करीब आने की मनाही है।
कहा जाता है कि दंपति व्रत के समय अगर शारीरिक संबंध बनाएं तो पाप का भागीदार बन जाते हैं। ऐसा करने पर व्रतियों का उपवास भंग हो जाता है। क्योंकि रात 12 बजे कर वही तारीख और वही दिन चलता है। ऐसा करने से गजानन नाराज हो सकते हैं।










