नई दिल्ली- हिन्दू संगठनों ने सरकार से कुंभ मेला क्षेत्र को पूरी तरह हिंदू क्षेत्र घोषित करने की मांग की
सरकार से लगाई गई गुहार, 1935 के एक्ट का दिया हवाला
प्रयागराज की तरह व्यवस्था की जरूरत
नई दिल्ली(BNE )- उत्तराखंड के हरिद्वार अर्ध कुम्भ मेले में गैर हिन्दुओं के नो एंट्री को लेकर हिन्दू संगठनों ने कुंभ मेला क्षेत्र को पूरी तरह हिंदू क्षेत्र घोषित करने की मांग की है, ताकि धार्मिक अनुष्ठानों की शुद्धता बनी रहे और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिले। हिंदू संगठनों का कहना है कि देश में “थूक जिहाद, लव जिहाद, लैंड जिहाद” जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार जारी हैं और रोहिंग्या तथा बांग्लादेशी घुसपैठ बढ़ रही है। इसी को देखते हुए उन्होंने इस तरह की मांग की है।
श्री गंगा सभा के 1935 के एक्ट का हवाला
हर की पैड़ी में श्री गंगा सभा के 1935 के एक्ट के अनुसार मांस की दुकानें और मांस की बिक्री निषिद्ध हैं। एक्ट में गैर-हिंदुओं के कुंभ और पैड़ी क्षेत्र में प्रवेश पर भी रोक है। श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि 100 साल पहले अंग्रेजों के समय यह व्यवस्था धर्म और परंपरा की रक्षा के लिए बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बांग्लादेश की घटनाओं और धार्मिक अनुष्ठानों पर खतरे को देखते हुए यह आवश्यकता और भी बढ़ गई है।
कुंभ क्षेत्र को हिंदू क्षेत्र घोषित करने की मांग
नितिन गौतम का कहना है कि अब गैर-हिंदुओं द्वारा धार्मिक अनुष्ठानों में व्यवधान डाले जाने के मामले बढ़ गए हैं। उन्होंने पूरे कुंभ क्षेत्र को हिंदू क्षेत्र घोषित करने और सभी घाटों तथा धार्मिक स्थलों पर अहिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुराने बायलॉज को आज भी लागू किया जाना चाहिए और सरकार से इसे सुरक्षित बनाने की अपील की है।
प्रयागराज की तरह व्यवस्था की जरूरत
तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंड्या ने कहा कि जिनका धर्म और संस्कृति से कोई मेल नहीं है, वे अनुष्ठानों में खलल डालते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के कुंभ की तरह हरिद्वार में भी सभी कार्य केवल हिंदू कारीगरों से कराए जाएं और क्षेत्र में गैर-हिंदुओं की कोई एंट्री नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी को धर्म रक्षक बताया और उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांग पर ध्यान देगी।










