राज्यपाल की प्रेरणा से आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जन भवन, लखनऊ के 41 विद्यार्थियों का अयोध्या धाम में शैक्षिक-सांस्कृतिक भ्रमण
विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, आस्था एवं परंपराओं से प्रत्यक्ष जुड़ाव का मिला अवसर
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने अयोध्या के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों – श्री राम लला मंदिर, कुबेर टीला, कनक भवन, दशरथ भवन, हनुमानगढ़ी मंदिर, सरयू घाट, रामघाट तथा लता मंगेशकर चौराहा आदि का दर्शन किया। इन पावन स्थलों के अवलोकन से विद्यार्थियों को प्रभु श्रीराम के जीवन, आदर्शों एवं भारतीय संस्कृति की गहराई को समझने का अवसर प्राप्त हुआ। सरयू तट की पावनता एवं आरती स्थल का आध्यात्मिक वातावरण विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायक रहा, जिससे उनके भीतर आस्था एवं सांस्कृतिक चेतना का विकास हुआ।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अयोध्या स्थित महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय का भी भ्रमण किया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित शैक्षिक सत्रों के दौरान प्राध्यापकों द्वारा विद्यार्थियों को श्री रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों की जानकारी दी गई तथा श्रीराम एवं श्री भरत के आदर्श चरित्र का विस्तृत वर्णन किया गया। साथ ही, गायत्री मंत्र के महत्व से अवगत कराते हुए विद्यार्थियों को ध्यान (मेडिटेशन) का अभ्यास भी कराया गया, जिससे उनमें मानसिक एकाग्रता एवं आत्मिक शांति का अनुभव विकसित हुआ।
इन सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक जीवन दृष्टि की समझ प्राप्त हुई। विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की गई यह अनुभवात्मक शिक्षा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में सहायक सिद्ध होगी तथा उन्हें जीवन में आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देगी।
राज्यपाल जी की यह सोच है कि विद्यार्थियों को देश की सांस्कृतिक जड़ों एवं आध्यात्मिक धरोहर से भी जोड़ना आवश्यक है। उनके मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं और उनमें राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध एवं उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करते हैं।
यह शैक्षिक यात्रा विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुई। इस अनुभव से उनकी सोच में व्यापकता आई तथा भारतीय संस्कृति के प्रति गर्व की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई। राज्यपाल जी के मार्गदर्शन में संचालित यह पहल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी कदम के रूप में उभरकर सामने आई।










