इस्लामाबाद-पूर्व गेंदबाज शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में पंहुचा खूंखार आतंकी ,पाकिस्तान की फिर खुली पोल
लश्कर के मुखौटा संगठन के नेताओं ने पढ़ी नमाज,हाफिज सईद के करीबियों से जुड़े हैं तार
इस्लामाबाद (एजेंसी )): पाकिस्तान के पूर्व गेंदवाज गेंदबाज शोएब अख्तर इन दिनों एक विवाद में पड़ गए है। दअसल शोएब के बड़े भाई शाहिद अख्तर का निधन हो गया है। सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे दावा किया जा रहा है कि शोएब अख्तर के भाई की नमाज-ए-जनाजा में प्रतिबंधित खूंखार आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके राजनीतिक मुखौटे पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (PMML) के कई बड़े नेता और कार्यकर्ता खुलेआम शामिल हुए।
लश्कर के मुखौटा संगठन के नेताओं ने पढ़ी नमाज
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहिद अख्तर को अंतिम विदाई देने के लिए उनका जनाजा इस्लामाबाद के H-8 कब्रिस्तान में पढ़ा गया था। इसी दौरान सामने आए वायरल वीडियो में कथित तौर पर पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (PMML) के अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान समेत कई संदिग्ध चेहरे दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो को खुद PMML से जुड़े आधिकारिक प्लेटफॉर्म से साझा किया गया था। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद एक बार फिर पाकिस्तान में आतंकियों के बेखौफ घूमने की हकीकत दुनिया के सामने आ गई है।
हाफिज सईद के करीबियों से जुड़े हैं तार
जनाजे में जिस इनाम-उर-रहमान की मौजूदगी का जिक्र हो रहा है, उसका विवादों और आतंकियों से पुराना नाता रहा है। दरअसल, पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग को खूंखार आतंकी और लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद का ही राजनीतिक मंच बताया जाता है। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कुछ तस्वीरों में इनाम-उर-रहमान को पहलगाम आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी के साथ भी देखे जाने का दावा है। इन आतंकियों की हाई-प्रोफाइल जनाजे में मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्पीकर भी पहुंचे, पाकिस्तान की पोल फिर खुली
हैरानी की बात यह है कि एक तरफ जनाजे में आतंकियों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज़ सादिक भी शोएब अख्तर के घर शोक जताने पहुंचे थे। नेशनल असेंबली की ओर से बाकायदा इसका बयान भी जारी किया गया। इस पूरी घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के उस चेहरे को फिर से बेनकाब कर दिया है, जहां प्रतिबंधित संगठन नाम बदलकर न सिर्फ अपनी गतिविधियां धड़ल्ले से चला रहे हैं, बल्कि राजनीतिक और हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों में भी उनकी सीधी पैठ है।










