नई दिल्ली-लालकिले पर बिहार की विरासत का हाईटेक संगम, VR से कराया ‘बिहार दर्शन’*

भारत पर्व में बिहार टूरिज्म स्टॉल, मखाना झांकी और फूड स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र

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लालकिले पर बिहार की विरासत का हाईटेक संगम, VR से कराया ‘बिहार दर्शन’*

भारत पर्व में बिहार टूरिज्म स्टॉल, मखाना झांकी और फूड स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र

नई दिल्ली(BNE)गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में लालकिले पर 26 से 31 जनवरी तक आयोजित भारत पर्व में इस वर्ष बिहार की मौजूदगी विशेष रूप से चर्चा में है। बिहार टूरिज्म के स्टॉल पर जहां अत्याधुनिक वर्चुअल रियलिटी (VR) तकनीक के माध्यम से बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों का डिजिटल दर्शन कराया जा रहा है, वहीं बिहार की पहचान सुपर फूड मखाना झांकी, पारंपरिक बिहार फूड स्टॉल और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने देशभर से आए पर्यटकों का ध्यान खींचा है।
बिहार पर्यटन स्टॉल पर लगाए गए VR सेट के जरिए दर्शकों को बोधगया, नालंदा, राजगीर, वैशाली, पावापुरी, वाल्मीकि नगर और मधुबनी जैसे ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की 360 डिग्री वर्चुअल यात्रा कराई जा रही है। VR तकनीक के माध्यम से बिहार की विरासत और पर्यटन संभावनाओं को जिस आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है, वह खासकर युवाओं और विदेशी सैलानियों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है।
*VR से बदली बिहार पर्यटन की प्रस्तुति*
स्टॉल पर मौजूद पर्यटक VR हेडसेट पहनकर बिहार के पर्यटन स्थलों को नजदीक से महसूस कर रहे हैं। डिजिटल तकनीक के इस प्रयोग से लोगों को कम समय में बिहार की विविधता, आध्यात्मिकता और प्राकृतिक सौंदर्य की झलक मिल रही है। QR कोड के माध्यम से बिहार पर्यटन से जुड़ी विस्तृत जानकारी, ट्रैवल सर्किट और पर्यटन स्थलों का विवरण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
*मखाना झांकी ने बटोरी खास सराहना*
भारत पर्व परिसर में प्रदर्शित बिहार की मखाना झांकी इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। झांकी के माध्यम से मिथिला क्षेत्र में मखाना उत्पादन, उसकी खेती, प्रसंस्करण और इससे जुड़े ग्रामीण जीवन को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया है। मखाना को बिहार की “सुपर फूड” पहचान के रूप में प्रस्तुत करते हुए इसके पोषण मूल्य, रोजगार संभावनाओं और वैश्विक मांग को रेखांकित किया गया है। भारत पर्व में बड़ी संख्या में दर्शक मखाना झांकी के साथ तस्वीरें खिंचवाते नजर आए।
*बिहार फूड स्टॉल पर स्वाद की भीड़*
बिहार फूड स्टॉल भी लोगों के बीच खास लोकप्रिय है। यहां लिट्टी-चोखा, ठेकुआ, अनरसा, खाजा, सत्तू और मखाना आधारित व्यंजन का स्वाद लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। पारंपरिक स्वाद और देसी व्यंजनों ने बिहार की खानपान संस्कृति को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।
*सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा भारत पर्व*
भारत पर्व के सांस्कृतिक मंच पर बिहार के लोकनृत्य और लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया।कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति पर दर्शक तालियों से उत्साह बढ़ाते नजर आए। भारत पर्व में जगह-जगह सभी राज्यों के कलाकार अपने लोकनृत्यों और लोकगीतों को प्रस्तुत कर रहे हैं।
*बिहार की सकारात्मक छवि को मिला मंच*
भारत पर्व में बिहार की यह समग्र प्रस्तुति राज्य की सकारात्मक और प्रगतिशील छवि को राष्ट्रीय मंच पर मजबूत कर रही है। VR तकनीक से पर्यटन प्रचार, मखाना झांकी के माध्यम से कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की पहचान, स्वादिष्ट व्यंजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बिहार को परंपरा और आधुनिकता के संतुलित संगम के रूप में स्थापित किया है। लालकिले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में सजा यह बिहार दर्शन न केवल देखने योग्य है, बल्कि अनुभव करने योग्य भी है, जो बिहार की नई ऊंचाइयों को दर्शाता है।

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