नई दिल्ली/कोलकाता-अब ममता टीएमसी नाम से जानी जाएगी ममता की पार्टी
सिंबल फुटबॉल प्लेयर होगा, बागी गुट डेमोक्रेटिक टीएमसी कहलाएगा
ममता के पास अब सिर्फ 22 विधायक और 19 सांसद बचे
नई दिल्ली/कोलकाता. पश्चिम बंगाल में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव से 18 दिन पहले चुनाव आयोग ने टीएमसी के दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए हैं. ममता बनर्जी के गुट को ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और फुटबॉल खिलाड़ी का चिह्न मिला है, जबकि दूसरे गुट को डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस और लिफाफा दिया गया है.
इससे एक दिन पहले आयोग ने दोनों गुटों को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नाम और फूल-घास वाला मूल चुनाव चिन्ह इस्तेमाल करने से रोक दिया था. यह अंतरिम व्यवस्था है. मूल नाम और चिन्ह पर अंतिम फैसला अभी आना बाकी है. अब दोनों गुट उपचुनाव में नई पार्टी नाम और सिंबल से चुनाव लड़ेंगे. नंदीग्राम और रेजीनगर पर 6 अक्टूबर को वोटिंग हैं और रिजल्ट 9 अक्टूबर को आएगा.
टीएमसी के दोनों गुट अपने-अपने उम्मीदवार उतार चुके
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव हैं. ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी टीएमसी धड़े से मोहम्मद एतेशामुल हक नंदीग्राम और सफीउद्दीन शेख रेजीनगर से चुनाव लड़ेंगे. वहीं, पूर्व सीएम ममता बनर्जी की टीएमसी ने रविवार को नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार घोषित किया था.
ममता के पास अब सिर्फ 22 विधायक और 19 सांसद बचे
टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 अलग हो गए हैं. अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं. राज्यसभा की बात करें तो 13 में से दो सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ 11 राज्यसभा सांसद बचे हैं. विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में 80 सीटें जीतीं थीं. जिसमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं. ममता के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं.










