
कन्नौज: केंद्र सरकार की 12 साला उपलब्धियों पर गांव गॉव होगा “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनपद में विभिन्न जनजागरूकता एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। “सरकार आपके द्वार”, “विरासत और विकास” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को शासन की उपलब्धियों एवं जनहितकारी योजनाओं से अवगत कराया जाएगा। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक विकास खंड में दो स्थानों पर निःशुल्क मेडिकल कैंप भी आयोजित किए जाएंगे, जहां नागरिकों को स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके साथ ही जनपद में “खेत बचाओ अभियान” का आयोजन दिनांक 10 जून, से 24 जून के मध्य प्रत्येक न्याय पंचायत के कम से कम एक ग्राम के साथ कुल नब्बे ग्राम पंचायतों में किया जायेगा। इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा तीन टीमों का गठन किया गया है, जिसमें कृषि विभाग, उद्यान विभाग, पशुपालन विभाग, सहकारिता विभाग, लघु सिचाई विभाग के साथ-साथ कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक एवं राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन विभाग, ग्राम स्तर के समस्त कर्मचारीगण यथा, सचिव, लेखपाल, ऑगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक व ग्राम प्रशासक आदि भाग लेगें। यह जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक श्री संतोष कुमार ने बताया है कि प्रत्येक टीम प्रतिदिन दो पालियों मे दो ग्राम पंचायतों में गोष्ठियों को आयोजित करेगी। प्रथम पाली प्रातः 8:00 से 11:00 बजे एवं द्वितीय पाली सायं 3:00 से 6:00बजे से संचालित की जाएगी। इस प्रकार से तीनों टीमों द्वारा प्रतिदिन छः कार्यकम अर्थात 15 दिवसों में कुल 90 गोष्ठियाँ संचालित होंगी।
जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया है कि उक्त गोष्ठियों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैम्प आयोजित कर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया जायेगा। साथ ही राजस्व विभाग द्वारा विरासत/अंश निर्धारण एवं फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों का सम्पादन किया जायेगा, जिसकी दैनिक रिपोर्टिंग की जायेगी। साथ ही यह भी निर्देश दिये गये कि गर्म मौसम के दृष्टिगत कार्यक्रम का आयोजन प्रत्येक ग्राम में पण्डाल लगाकर छाया की व्यवस्था के साथ किया जाये तथा कार्यकम से दो दिन पूर्व सम्बंधित ग्राम में मुनादी भी करवायी जायेगी।
“खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड संतृप्तीकरण को बढ़ावा देना, किसानों को मृदा परीक्षण आधारित उर्वरकों का संतुलित उपयोग करना, किसानों को संतुलित उर्वरकों के प्रयोग के साथ हरीखाद, जैविक खाद का उपयोग एवं लाभ आदि के बारे में प्रशिक्षित करना, प्रशिक्षण एवं खेत प्रदर्शन के माध्यम से प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करना, टिकाऊ खेती एवं जलवायु अनुकूल खेती के बारे में प्रशिक्षण, सूखा रोधी फसलों, दलहन एवं तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता, मृदा स्वास्थ्य कार्ड का महत्व, यूरिया एवं डी०ए०पी० उर्वरकों के विकल्प एवं वैज्ञानिक उपयोग, नैनों उर्वरकों का उपयोग आदि विषयों पर जन-जागरूकता एवं प्रदर्शन के कार्यक्रम आयोजित किये जायेगें।
Post Views: 2