
मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। अयोध्या रामायण मेले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 500 साल पहले बाबर ने जो अयोध्या में किया, बांग्लादेश और संभल में आज वही हो रहा है, तीनों की प्रकृति, तीनों के डीएनए एक जैसे हैं। इंटरनेशनल और नेशनल मीडिया में योगी का वक्तव्य महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण कार्यक्रम पर भारी पड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए घटक के मुखिया, बड़ी संख्या में जुटे केंद्रीय मंत्री और एनडीए घटक के जुटे एक दर्जन से ज्यादा मुख्यमंत्रियों वाले कार्यक्रम पर योगी का दबदबा अकेले भारी पढ़ गया।


बता दें कि अयोध्या के रामायण मेले के उद्घाटन का कार्यक्रम सामान्य था।इस कार्यक्रम में कोई राजनीतिक माहौल की भी कल्पना नहीं थी। पर योगी ने जो कहा वो पूर्णतया राजनीतिक हो गया। जिस तरह योगी ने आगरा में एक गैर राजनीतिक कार्यक्रम में बांग्लादेश का संदर्भ लेकर बंटोगे तो कटोगे का नारा दिया था और बाद में यह नारा विधानसभा चुनावों की विजय स्क्रिप्ट लिखने में सबसे मजबूत कड़ी साबित हुआ।जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने योगी के नारे पर अपनी मुहर लगा दिया तब भाजपा का एक धड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिये गये नारे को कि “एक हैं तो सेफ हैं” बोल कर नई लाइन बनाने की कोशिश किया। लेकिन योगी की बढ़ती लोकप्रियता से डरी टीम गुजरात दुबक गयी। एक बार योगी ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिए फिर बांग्लादेश और संभल को अयोध्या की तरह ट्रीट करने की नसीहत देकर अपनी राजनीतिक मंशा स्पष्ट कर दी है।
बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जो हो रहा है वो किसी भी तरीके से ठीक नहीं है।इस मुद्दे पर फ्रंटफुट खेल कर योगी भाजपा में सब पर भारी पड़ गये। दुनिया में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की निंदा हो रही है। अभी हाल ही में इस्कान के एक संत की गिरफ्तारी हुई उसे बांग्लादेश में एक वकील तक की सुविधा नहीं मिल पा रही है। एक वकील ने उनकी जमानत करानी चाही तो उसकी हत्या कर दी गई। हर दिन हिंदुओं की हत्याएं और रेप आदि की खबरें आ रही हैं। योगी इसको लेकर कितने गंभीर हैं इसे इस तरह देख सकते हैं कि वो हर मंच से इसकी चर्चा कर रहे हैं। चाहे राजनीतिक मंच हो या सांस्कृतिक, योगी बांग्लादेश में हो हिंदुओं के उत्पीड़न की बात जरूर कर रहे हैं। इसी तरह संभल में जामा मस्जिद के सर्वें को लेकर योगी का विजन स्पष्ट है। जिस तरह वो बता रहे हैं कि बांग्लादेश, संभल और अयोध्या में 500 साल पहले जो हुआ उसका डीएनए एक है, उनके कहने का मतलब स्पष्ट है। मतलब संभल में मस्जिद बनाने का काम, अयोध्या में राममंदिर तोड़कर बाबरी मस्जिद बनाने का काम और बांग्लादेश में उत्पीड़न का काम एक ही जैसे लोग कर रहे हैं। उनके कहने का मतलब सीधा है कि संभल में हो रहे मस्जिद सर्वे में प्रशासन किसी भी तरीके का रुकावट डालने वाला नहीं है।
अयोध्या के राम कथा पार्क में रामायण मेले का उद्घाटन करते हुए सीएम योगी कहते हैं कि एक बार फिर अयोध्या आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से वैश्विक नगरी के रूप में नई पहचान लेकर आगे बढ़ रही है। याद कीजिए कैसे इसी साल जनवरी में पीएम नरेंद्र मोदी के कर कमलों से पांच सौ साल बाद भगवान राम दोबारा मंदिर में विराजमान हुए हैं। जिसके मन में भगवान राम और माता जानकी के प्रति श्रद्धा का भाव नहीं है, चाहे वे आपके कितने भी प्रिय क्यों न हों, उसे शत्रु की तरह त्याग देना चाहिये। इसीलिए राम भक्तों ने 1990 में नारा दिया था ‘जो राम का नहीं हमारे किसी काम का नहीं’ योगी के इस शब्द पर गौर करिए कि राम और जानकी के प्रति जिस किसी में श्रद्धा नहीं है, अगर वो आपका कितना भी प्रिय हो उसका साथ छोड़ दीजिये।मतलब सीधा है कि भविष्य में हिंदुओं के ध्रुवीकरण की प्रक्रिया रुकने वाली नहीं है।
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