
घर को नमी और सीलन से बचाएं-विजय गर्ग
बारिश शुरू होने से पहले करें ये काम, फर्नीचर – दीवारें और छत रहेगी सुरक्षित मानसून में घर को सबसे ज्यादा नुकसान नमी और पानी से होता है। बारिश का पानी दीवारों और छत में रिसकर फफूंदी पैदा कर सकता है। लकड़ी के फर्नीचर, दरवाजे और खिड़कियां भी पानी की वजह से फूल या सड़ सकती हैं। साथ ही कुछ अन्य चीजों को भी नुकसान पहुंचता है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए – मानसून से पहले घर की इन चीजों की कैसे देखभाल कर सकते हैं?
मानसून के मौसम में पहले से कुछ तैयारी करना जरूरी है ताकि बारिश के पानी से कोई नुकसान न हो और घर सुरक्षित रहे। इसके लिए सबसे पहले घर के आसपास की नाली को अच्छी तरह से साफ कर लें। इससे पानी का जमाव नहीं होगा। इसके अलावा छत और दीवारों की दरारों को अच्छे से भरवाएं ताकि बारिश का पानी अंदर न आ सके। बाहरी दीवारों पर वाटरप्रूफ पेंट लगवाने से दीवारें नमी से बची रहती हैं। छत पर कबाड़ इकट्ठा न करें क्योंकि इससे पानी का जमाव हो सकता है और बाद में दिक्कतें पैदा हो सकती हैं।
घर के अंदर की नमी को कम करने के लिए मानसून से पहले क्या तैयारियां कर सकते हैं?
मानसून के मौसम में घर के अंदर की सही तैयारी करना बहुत जरूरी है, ताकि बारिश और नमी से कोई नुकसान न हो। नीचे दिए ग्राफिक में कुछ आसान टिप्स देखिए- जूतों और गीली चीजों के लिए अलग जगह बनाएं मानसून में घर में गंदगी और नमी बाहर से आने का खतरा ज्यादा रहता है। खासतौर पर जूतों, छतरियों और रेनकोट के जरिए। इस परेशानी से बचने के लिए घर के मुख्य दरवाजे के पास ही एक छोटा सा कॉर्नर बनाएं। वहां एक मजबूत और खुली जूता रैक रखें, जिसमें गीले जूते आराम से रखे जा सकें और वे सूखते भी रहें। साथ ही दीवार पर हुक या स्टैंड लगाकर छतरियों और रेनकोट को टांगने की जगह बनाएं। इसके नीचे एक पोंछा या पानी सोखने वाला मैट बिछा सकते हैं, जिससे टपकता पानी फर्श पर न फैले।
फर्श पर बैंबू या रबर मैट का इस्तेमाल करें मानसून में कारपेट या कपड़े वाले मैट जल्दी गीले हो जाते हैं। इससे बदबू और फंगस का खतरा रहता है। इसलिए मानसून में कारपेट की जगह बैंबू या रबर से बने मैट बिछाना ज्यादा बेहतर है। ये न केवल पानी सोखने में मदद करते हैं, बल्कि जल्दी सूख जाते हैं। साथ ही इनकी सफाई भी आसान होती है। इन मैट्स को खासकर एंट्री पॉइंट्स, बाथरूम के बाहर, किचन एरिया और बालकनी में बिछाना चाहिए। कीटों से बचाव के लिए पेस्ट कंट्रोल जरूरी मानसून में नमी बढ़ने के कारण कीड़े-मकोड़े, तिलचट्टे, चींटियां, दीमक और मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है। इसलिए मानसून से पहले ही एक बार प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोल करवाना जरूरी है। इससे कीटों के अंडों और छिपे हुए कीटों को खत्म किया जा सकता है। खासतौर पर रसोई, बाथरूम, स्टोर रूम और घर की दरारों वाले हिस्सों में फोकस करें। ये कीटों के छिपने की सबसे आम जगह होती हैं। अगर आप केमिकल से बचना चाहते हैं तो नीम का तेल, कपूर या लेमनग्रास जैसे नेचुरल रिपेलेंट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। घर में ताजी हवा का आना बहुत जरूरी अगर घर में वेंटिलेशन ठीक न हो तो नमी जमा होने लगती है, जिससे दीवारों पर फफूंदी (fungus), बदबू आने लगती है। इसलिए जरूरी है कि आप हर दिन कुछ समय के लिए खिड़कियां और दरवाजे खोलें ताकि घर में ताजी हवा और नेचुरल रोशनी आ सके।
इससे न केवल घर का माहौल हल्का और सुखद बनता है, बल्कि बैक्टीरिया और फंगस से भी बचाव होता है। अगर कोई ऐसी जगह है, जहां खिड़कियां नहीं हैं तो एग्जॉस्ट फैन लगवाना या डिह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करना अच्छा विकल्प है।
दीवारों और फर्नीचर की साफ-सफाई जरूरी मानसून के दौरान हवा में नमी बढ़ने से घर की दीवारें और फर्नीचर सबसे जल्दी प्रभावित होते हैं। इसलिए दीवारों और फर्नीचर को नियमित रूप से सूखे कपड़े से पोंछें ताकि उस पर नमी जम न पाए। लकड़ी के फर्नीचर के नीचे या पीछे अखबार या नेप्थलीन बॉल्स रखें
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