
UP WEATHER -यूपी में तबाही मचा रही बारिश, 24 घंटे में हुई 13 मौतें
लखनऊ में लगातार 50 घंटे से बारिश हो रही है। पॉश कॉलोनियों में सीवर का पानी घुस गया है। सामान तैरता हुआ नजर आया।
मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। यूपी में लगातार 3 दिन से हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं। सोमवार सुबह से 45 जिलों में बारिश हो रही हैं। लखनऊ समेत 22 जिलों में स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। वाराणसी-हमीरपुर में 6 अगस्त तो प्रयागराज में 7 अगस्त तक छुट्टी बढ़ा दी गई है।प्रदेश में 24 घंटे में बारिश से जुड़े हादसों में 13 लोगों की मौत हुई है। यूपी में 24 घंटे में 73 जिलों में औसतन 36.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। ये मौसम विभाग के अनुमान 7.3 मिमी से 405% अधिक है। प्रयागराज, वाराणसी समेत 17 जिलों के 402 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। लखनऊ में लगातार 50 घंटे से बारिश हो रही है। पॉश कॉलोनियों में सीवर का पानी घुस गया है। सामान तैरता हुआ नजर आया।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर आधा सेमी हर घंटे बढ़ रहा है। खतरे के निशान से 79 सेमी ऊपर गंगा बह रही है। सोमवार दोपहर 12 बजे गंगा का जलस्तर 72.05 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यहां खतरे का निशान 71.26 मीटर है।अस्सी घाट की सड़कों पर एक फीट तक पानी भर गया है। मर्णिकर्णिका घाट भी डूब गया है। वरुणा में उफान के चलते 30 हजार लोग प्रभावित हैं। नावों से सुरक्षित जगह शिफ्ट किया जा रहा है।प्रयागराज में तीन दिन से लगातार बारिश हो रही हैं। गंगा-यमुना खतरे के निशान से करीब 1 मीटर ऊपर बह रही हैं। यहां कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया है।कानपुर में भी लगातार तीसरे दिन सुबह से बारिश हो रही है। कछार इलाके में बाढ़ का पानी घुस गया है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है। कानपुर में भी कल, मंगलवार को भी स्कूल बंद रहेंगे। शाहजहांपुर के मोहल्ला गदियाना में मगरमच्छ पहुंच गया। काफी मशक्कत के बाद युवाओं ने उसे पकड़ लिया और बांधकर गाड़ी में बंद कर दिया। सोमवार सुबह वन विभाग की टीम मगरमच्छ को पिंजरे में बंदकर साथ ले गई।
लखनऊ स्थित मौसम विभाग के मुताबिक माध्य समुद्र तल पर मानसून अमृतसर, देहरादून, शाहजहांपुर, वाल्मीकिनगर, छपरा, जलपाईगुड़ी से होकर पूर्व-उत्तर-पूर्व की ओर अरुणाचल प्रदेश तक जा रही है। जिससे बारिश हो रही है। अगले दो दिन यानि 5 अगस्त और 6 अगस्त को यूपी के लगभग सभी स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार है। कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात की संभावना भी है। 4 अगस्त को श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं और आसपास के इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया था।4 से लेकर 6 तारीख तक बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, मैनपुरी और आसपास के इलाके में यलो अलर्ट जारी है। भारी बारिश के कारण गंगा, यमुना और बेतवा सहित प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और 13 जिले बाढ़ की स्थिति का सामना कर रहे हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।राहत आयुक्त कार्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, गंगा नदी वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर और बलिया में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि यमुना औरैया, कालपी, हमीरपुर, प्रयागराज और बांदा में लाल निशान से ऊपर है। इसके अनुसार बेतवा नदी भी हमीरपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रविवार को 14.2 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई और 24 जिलों में भारी बारिश हुई”
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