
Sickle Disease:

सिकल सेल रोग एक आनुवंशिक रक्त रोग है जो प्रभावित रोगी के जीवन को प्रभावित करता है। यह भारत की जनजातीय आबादी में अधिक आम है, लेकिन गैर आदिवासियों में भी होता है। यह न केवल एनीमिया का कारण बनता है, बल्कि दर्द, विकास में कमी और फेफड़े, हृदय, गुर्दे, आँखें, हड्डियाँ और मस्तिष्क जैसे कई अंगों को भी प्रभावित करता है।
एक अध्ययन में पाया गया है कि सिकल सेल रोग से पीड़ित लोगों में उम्र बढ़ने वाला मस्तिष्क में संज्ञानात्मक समस्याओं के लिए जिम्मेदार हो सकता है। सिकल सेल रोग एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसकी विशेषता असमान्य हीमोग्लोबिन (एचबी) की उपस्थिति है। ऐसे में आरबीसी की कमी देखने को मिलती है, जिससे शरीर के अंगों को ठीक तरह से आक्सीजन नहीं पहुंच पाती है। समय रहते इलाज न कराने पर यह घातक हो सकती है। इस बीमारी से पीड़ित लोगों को याद रखने, ध्यान केंद्रित करने, सीखने और समस्या के समाधान में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मस्तिष्क स्ट्रोक के बिना भी रोगियों को इन स्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसे समझने के लिए सेंट लुइस में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल आफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं और चिकित्सकों ने सिकल सेल रोग से पीड़ितों और बिना सिकल सेल रोग वाले 200 से अधिक युवा वयस्कों की जांच की। उन्होंने मस्तिष्क एमआरआई स्कैन और संज्ञानात्मक परीक्षणों में भाग लिया। प्रत्येक व्यक्ति की मस्तिष्क आयु की गणना एक मस्तिष्क आयु की भविष्यवाणी के उपकरण का उपयोग करके की गई थी, जिसे ज्ञात आयु के 14,000 से अधिक स्वस्थ लोगें के विविध समूह से एमआरआइ मस्तिष्क स्कैन का उपयोग करके विकसित किया गया था। अनुमानित मस्तिष्क आयु की तुलना व्यक्ति की वास्तविक आयु से की गई। जमा नेटवर्क औपन में प्रकाशित परिणामों से पता चला कि सिकल सेल रोग से पीड़ितों का मस्तिष्क उनकी वास्तविक आयु से औसतन 14 वर्ष अधिक पुराना दिखाई देता है।
संज्ञानात्मक परीक्षणों में कम अंक प्राप्त किए वृद्ध दिखने वाले मस्तिष्क वाले सिकल सेल प्रतिभागियों ने संज्ञानात्मक परीक्षणों में भी कम अंक प्राप्त किए। टीम ने कहा कि अध्ययन से पता चला कि आर्थिक अभाव का सामना करने वाले लोग जो सिकल सेल रोग की अनुपस्थिति में भी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करते हैं, उनका मस्तिष्क भी अधिक वृद्ध दिखाई देता है। औसतन गरीबी का अनुभव करने वाले स्वस्थ व्यक्तियों में मस्तिष्क की आयु और प्रतिभागियों की वास्तविक आयु के बीच सात वर्ष का अंतर पाया गया। वाशिंगटन यूनिवर्सिटी मेडिसिन में न्यूरोलाजी के प्रोफेसर एंड्रिया फोर्ड ने बताया कि सिकल सेल रोग जन्मजात होता है, जो विकासशील मस्तिष्क को आक्सीजन से वंचित करता है और संभवतः जन्म से ही इसके विकास को प्रभावित करता है। साथ ही दीर्घकालिक आर्थिक अभाव और गरीबी के संपर्क में आने वाले बच्चों को संज्ञानात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जो उनके शैक्षणिक प्रदर्शन को प्रभावित करती हैं। अध्ययन में सिकल सेल रोग और आर्थिक अभाव के मस्तिष्क संरचना पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने का आह्वान किया गया है। इससे उपचार और निवारक उपाय हो सकते हैं, जो संभावित रूप से संज्ञानात्मक कार्य को संरक्षित कर सकते हैं। टीम ने यह भी कहा कि एक एकल एमआरआइ स्कैन न्यूरोलाजिकल स्थितियों वाले रोगियों की मदद करने के लिए शक्तिशाली उपकरण हो सकता है।
विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रिंसिपल शैक्षिक स्तंभकार स्ट्रीट कौर चंद एमएचआर मलोट पंजाब
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