श्री धन्वन्तरि जयंती का आयोजन हुआ सम्पन्न
औषधीय पौधों की वाटिका ‘‘धन्वन्तरि वाटिका’’ की स्थापना पूरे प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत में की जाए- डॉ0 त्रिपाठी

अखिल भारतीय आयुर्वेद विशेषज्ञ सम्मेलन उत्तर प्रदेश द्वारा श्री ‘धन्वन्तरि जयन्ती’ के अवसर पर आज राजाजीपुरम स्थित सरोज आरोग्यम केंद्र, लखनऊ में भगवान धन्वन्तरि जी का पूजन किया गया। इस अवसर पर सम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ शिव शंकर त्रिपाठी ‘‘राजवैद्य’’, डॉ0 रेखा वाजपेई, डॉ अशोक कुमार, डॉ0 अमित शुक्ला डॉ0 नीरज, डॉ0 दीपांजली एवं डॉ0 सरोज त्रिपाठी सहित 50 से अधिक आयुर्वेद चिकित्सक एवं आयुर्वेद प्रेमी उपस्थित थे।
इस अवसर पर सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. शिव शंकर त्रिपाठी “राजवैद्य“ ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार का 2025 के लिए मिशन ‘‘आयुर्वेद की मान्यता वैश्विक स्तर पर सुनिश्चत करना है।’’ यह लक्ष्य तभी साकार हो सकता है जब हम सभी मिलकर आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार को एक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि हमारे आसपास पाए जाने वाले औषधीय पौधों का ज्ञान आज की नई पीढ़ी को बहुत ही सीमित है। ऐसे में प्रत्येक जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर औषधीय पौधों की वाटिका “धन्वन्तरि वाटिका“ की स्थापना किया जाना आवश्यक है। इनमें जनसामान्य के लिए उपयोगी औषधीय पौधों का रोपण किया जाए, जिससे आमजन को इनकी पहचान और औषधीय गुणों की जानकारी मिल सके और वे इससे स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकें।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में प्रथम औषधीय पौधों की गृह वाटिका “धन्वन्तरि वाटिका“ की स्थापना वर्ष 2001 में राजभवन, लखनऊ में तत्कालीन माननीय राज्यपाल श्री विष्णु कांत शास्त्री जी की प्रेरणा से की गई थी।










