लखनऊ: 100 वर्गमीटर के भूखंड पर बिना नक्शा बनाएं घर
30 वर्गमीटर तक के लिए व्यावसायिक भवन में भी छूट
बृजेश चतुर्वेदी
लखनऊ(BNE)अब बिना मानचित्र स्वीकृत कराए 100 वर्गमीटर तक के भूखंड में आवासीय और 30 वर्गमीटर तक के भूखंड में व्यावसायिक भवन बना सकेंगे। इसके लिए केवल एक रुपये शुल्क देकर लखनऊ विकास प्राधिकरण में पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद निर्माण करने पर किसी तरह की आपत्ति नहीं होगी। ये प्रावधान शहर में लागू न्यू बिल्डिंग बायलॉज एंड जोनिंग रेग्यूलेशन-2025 में किया गया है।
नए नियमों में आवासीय व व्यावसायिक भवन निर्माण के लिए पुराने कई नियमों को शिथिल करते हुए काफी सहूलियतें व छूट दी गई है। बिना मानचित्र या फिर मानचित्र के विपरीत निर्माण कर चुके वह कंपाउंडिंग कराकर निर्माण वैध कर सकेंगे। अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि नये बायलॉज से नियोजित विकास को गति मिलेगी और अधिक से अधिक संख्या में नियमानुसार नक्शा पास कराएंगे। लोगों को सभी जोन में जागरूकता कार्यशाला के माध्यम से नियम बताए जा रहे हैं।
एक ही जगह बना सकेंगे आवासीय, व्यावसायिक भवन
नए बायलॉज में आवासीय भू-उपयोग में व्यावसायिक भवन मानचित्र स्वीकृत कराने का भी प्रवधान किया गया है। यानी किसी का भूखंड 24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़क पर है तो वह उस पर 33 फीसदी व्यावसायिक, 33 फीसदी ऑफिस स्पेस के साथ 34 फीसदी आवासीय उपयोग का मानचित्र स्वीकृत करा सकेंगे। या फिर दो उपयोग का विकल्प यानी 49 फीसदी व्यावसायिक व 51 फीसदी आवासीय उपयोग में मानचित्र स्वीकृत करा सकेंगे। इससे एक ही जगह पर रहने के साथ कारोबार या ऑफिस आदि चला सकेंगे।
नए नियमों के फायदे
सरलीकरण और तेजी से अनुमोदन, ऊंची बिल्डिंगों को बढ़ावा, ऊंचाई, एफएआर में बढ़ोतरी, छूट से निर्माण अनुमति प्रक्रिया तेज और सरल होगी, शहरी विस्तार में वर्टिकल डेवलपमेंट आसान होगा,भूमि का अधिक प्रभावी उपयोग होगा, सेटबैक में छूट से निर्माण और विकास की लागत कम होगी,बेहतर पार्किंग से यातायात व्यवस्थित होगा, 10 वर्ष में भवनों के संरचनात्मक ऑडिट से सुरक्षा होगी।
स्वतः ऑनलाइन अनुमोदन
500 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 200 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भवनों के लिए विश्वास-आधारित ऑनलाइन अनुमोदन स्वतः करना होगा। 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में 24 मीटर और उससे कम जनसंख्या वाले शहरों में 18 मीटर चौड़ी सड़कों पर आवासीय भवनों में दुकानें, कार्यालय, नर्सरी, क्रेच या होम स्टे जैसे व्यावसायिक उपयोग की अनुमति होगी। घर के 25 फीसदी हिस्से का उपयोग बिना अलग नक्शा अनुमोदन के पेशेवर कार्यों जैसे डॉक्टर, वकील के लिए किया जा सकेगा, बशर्ते वहां पर पार्किंग की व्यवस्था हो। ग्रुप हाउसिंग के लिए भूखंड क्षेत्रफल 2 हजार वर्ग मीटर से घटाकर एक हजार वर्गमीटर बिल्टअप और 1500 वर्गमीटर नॉन-बिल्टअप किया गया है।
ऊंचाई से हटाया गया प्रतिबंध
चौड़ी सड़कों पर फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) बढ़ाया गया है और 45 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों पर एफएआर की सीमा समाप्त कर दी है। वहीं, भवन की ऊंचाई पर प्रतिबंध हटा दिया गया है। इससे ऊर्ध्वाधर निर्माण को बढ़ावा मिलेगा हालांकि, एयरपोर्ट और एएसआई स्मारकों जैसे क्षेत्रों में ऊंचाई पर प्रतिबंध पहले की तरह लागू रहेंगे। ग्रीन-रेटेड भवनों के लिए अतिरिक्त मुफ्त एफएआर की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा ग्राउंड कवरेज प्रतिबंध समाप्त कर दिया गया है। यानी 15 मीटर से अधिक ऊंचे भवनों के लिए सेटबैक 15 मीटर और 12 मीटर कर सेटबैक नियमों में कमी की गई है। साथ ही पार्किंग व्यवस्था अनिवार्य कर दी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक शिकायत निवारण समिति का गठन किया गया है। जो उपविधियों या मॉडल जोनिग विनियमों में किसी भी अस्पष्टता, चूक, विरोधाभास होने पर समाधान करेगी।
9 मीटर चौड़ी सड़कों पर बना सकेंगे क्लीनिक – प्राइमरी स्कूल
9 मीटर से कम चौड़ी सरकारी सड़क वाले क्षेत्र में शर्तों के आधार पर आवासीय मानचित्र भी स्वीकृत किए जाएंगे। इससे पहले 12 मीटर तक का प्राविधान था। वहीं, पूर्व में निर्मित कराए जा चुके सभी प्रकार के भवनों का शमन मानचित्र नये बायलॉज के प्रावधानों के तहत कराया जा सकेगा। बिल्डर और व्यापारियों की तमाम तरह की अनावश्यक जटिलताओं पर विराम लगेगा।
शहर में 18 मीटर चौड़ी सड़कों पर शॉपिंग मॉल और 9 मीटर चौडी क्लीनिक व प्राइमरी स्कूल के नक्शे पास किये जाएंगे। ल्डर छ अनुमोदन कर सकेंगे और ऑनलाइन पंजीकरण से समय औ होगी। औद्योगिक इकाइयों और पर्यटन क्षेत्र जैसे होटल, होम में छूट से निवेशक आकर्षित होंगे। होटल, चिकित्सालय और। के लिए एनओसी की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया।