समर्थ 1.0 नामक पहल का उद्देश्य कृषि में महत्वपूर्ण चुनौतियों के समाधान पर केंद्रित वैज्ञानिक संवाद में प्रमुख हितधारकों को एकजुट करना है
लखनऊः(BNE) मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने भारत के अग्रणी एफएमसीजी ब्रांड्स में से एक बीएल एग्रो और इसके एग्रीटेक वेंचर लीड्स कनेक्ट ने जोखिम प्रबंधन, जलवायु और स्थिरता समाधानों पर ध्यान केंद्रित करते हुए लखनऊ के कृषि भारत में समर्थ 1.0 लॉन्च किया। इससे पूर्व, मुख्य सचिव ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में अपार संभावनायें हैं। पूरी दुनिया में उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक उपजाऊ मिट्टी व पानी तथा अनुकूल जलवायु उपलब्ध है। दुनिया में खेती की शुरुआत उत्तर प्रदेश से हुई थी।
उन्होंने कहा कि आज नई टेक्नोलॉजी का समय है, खेती के लिए किसानों को नई टेक्नोलॉजी का उपयोग करना चाहिए। गांव में युवा खेती से जुड़ रहे हैं। उन्होंने दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डेयरी फार्मिंग करने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए गिर गाय का पालन कर सकते हैं। गिर गाय, गाय की एक ऐसी नस्ल है जो रोजाना औसतन 12-20 लीटर तक दूध देती है।
उल्लेखनीय है कि कृषि मॉडलिंग और मानवता में परिवर्तन के लिए जोखिम आकलन पर संगोष्ठी समर्थ 1.0 नामक पहल का उद्देश्य कृषि में महत्वपूर्ण चुनौतियों के समाधान पर केंद्रित वैज्ञानिक संवाद में प्रमुख हितधारकों को एकजुट करना है। समर्थ में वैज्ञानिक और तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विभिन्न खंडों और क्षेत्रों से उद्योग विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को एकत्रित किया गया, ताकि कृषि पारिस्थितिकी तंत्र और मूल्य श्रृंखला विकास में स्थायी समाधान के लिए एक सहयोगात्मक रोडमैप तैयार किया जा सके।
समर्थ 1.0 के साथ मिलकर, बीएल एग्रो और लीड्स कनेक्ट ने हाल ही में शुरू किए गए वैज्ञानिक जर्नल सैटेलाइट एनालिटिक्स एंड ट्रांसफर इंटेलिजेंस (SATI) में योगदान के लिए शोधपत्र आमंत्रित करने की घोषणा की। एसएटीआई कृषि, जलवायु और आपदा प्रबंधन तथा मूल्य शृंखला विश्लेषण जैसे विषयों को कवर करते हुए क्रांतिकारी शोध के लिए एक केंद्र के रूप में काम करेगा। समीक्षा प्रक्रिया के बाद चयनित दस शोध आलेखों को SATI में प्रकाशित किया जाएगा, तथा शीर्ष तीन आलेखों के लेखकों को उनके योगदान के लिए पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
इस कार्यक्रम का एक अनूठा आकर्षण ‘किसान संवाद’ था। इस सत्र में किसानों को उनके लिए बनाए जा रहे समाधानों पर चर्चा करने के लिए सक्रिय रूप से आमंत्रित किया गया। इससे उन्हें कृषि परिणामों को बढ़ाने के लिए व्यावहारिक, पर्यावरण अनुकूल पहलों के विकास में मूल्यवान अंतर्दृष्टि साझा करने और प्रत्यक्ष ज्ञान का योगदान करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव आईएएस के रविन्द्र नायक सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण तथा कृषकगण आदि उपस्थित थे।
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