LUCKNOW-मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया
अयोध्या इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया
स्वच्छता कर्मियों को 05 लाख रु0 तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाएगा
लखनऊ : (BNE)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने हम सबके मन में समाज के प्रति समर्पित होने का भाव उत्पन्न किया है। यही समर्पण भाव हमें ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने तथा राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ जोड़ता है। भगवान वाल्मीकि ने मनुष्य के सांसारिक उत्कर्ष के साथ-साथ उसकी मुक्ति का भी मार्ग प्रशस्त किया है। भगवान वाल्मीकि हमें लौकिक जीवन में आगे बढ़ाने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। पूरा मानव समाज महर्षि वाल्मीकि के प्रति कृतज्ञ है। भारत का कोई भी कथा वाचक सबसे पहली वन्दना महर्षि वाल्मीकि की ही करता है। महर्षि वाल्मीकि के प्रकटोत्सव पर आज प्रदेश के देव मन्दिरों में अखण्ड रामायण का पाठ चल रहा है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की जयन्ती पर आयोजित उनके प्रकट दिवस समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम की संज्ञा दी। उनके द्वारा वर्णित भगवान श्रीराम का चरित्र प्रत्येक देश व काल के लिए प्रासंगिक है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के चरित्र से हम शिक्षा ग्रहण करते हैं कि भाई का भाई, पिता का पुत्र, माता का पुत्र तथा राजा का प्रजा के साथ क्या सम्बन्ध होना चाहिए। भगवान श्रीराम ने प्रत्येक कार्य की मर्यादा तय की। भगवान श्रीराम का आदर्श महर्षि वाल्मीकि ने हमारे सामने रखा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि भारत के महापुरुषों की परम्परा के भाग्य विधाता हैं। लोक कल्याण और साधना से तपे हुए भगवान वाल्मीकि ने महर्षि नारद से प्रश्न किया कि ’चारित्रेण च को युक्तः’ अर्थात् किसका चरित्र ऐसा है, जिसके बारे में लेखन कार्य किया जा सके। ऐसा उन्होंने इसलिए पूछा क्योंकि वह जानते थे कि चरित्र से युक्त व्यक्ति ही लोक व राष्ट्र कल्याण का माध्यम बन सकता है। इस प्रश्न का उत्तर स्वयं देते हुए उन्होंने कहा कि ’रामो विग्रहवान् धर्मः’ अर्थात् श्रीराम ही साक्षात धर्म हैं। जब स्वामी विवेकानंद शिकागो की धर्म सभा में गए, तो वहां के लोग उनकी वेशभूषा देखकर हंसने लगे। स्वामी विवेकानंद ने उन लोगों से कहा कि आपके देश में पहनावे से व्यक्ति की पहचान होती है, जबकि हमारे देश में व्यक्ति की पहचान चरित्र से होती है। हमारे लिए चरित्रवान होना अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत की ऋषि परम्परा ने प्रत्येक कालखण्ड में समाज का मार्गदर्शन किया है। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण काल, महर्षि वेदव्यास ने महाभारत काल, सद्गुरु रविदास ने मध्यकाल तथा बाबा साहब भीमराव आंबेडकर जैसे महापुरुषों ने देश की आजादी के कालखण्ड के दौरान देश व समाज का मार्गदर्शन किया। इन सभी महापुरुषों की एक ही दृष्टि है, जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ’एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का नाम देते हैं। प्रधानमंत्री जी ने देशवासियों को ’सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र दिया है। यह दृष्टि हमें ऋषि परम्परा से ही प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राम राज्य वह है, जहां जाति, मत, मजहब तथा सम्प्रदाय आदि के नाम पर कोई भेदभाव न हो। मध्यकाल में संत रामानंद जी ने कहा था कि ’जाति पांति पूछे नहिं कोई, हरि को भजे सो हरि का होई।’ डबल इंजन सरकार इसी भावना से कार्य कर रही है। प्रदेश के कन्नौज जनपद में स्थित मेडिकल कॉलेज का नाम पुनः बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के नाम पर किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर से जुड़े हुए पंच तीर्थां तथा बाबा साहब की जन्मभूमि महू में भव्य स्मारक का निर्माण कराया गया है। बाबा साहब ने दिल्ली में जहां सार्वजनिक जीवन व्यतीत किया था, वहां बाबा साहब भीमराव आंबेडकर अन्तरराष्ट्रीय केंद्र का निर्माण किया गया हैं। बाबा साहब ब्रिटेन में जिस मकान में रहते थे, उस मकान को केंद्र सरकार ने खरीद कर लंदन जाने वाले दलित छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास का निर्माण कराया है। बाबा साहब की दीक्षा भूमि नागपुर, अंतिम यात्रा स्थल मुम्बई में भव्य स्मारक बनाया गया है व मुम्बई में बाबा साहब की दुनिया में सबसे बड़ी मूर्ति स्थापित की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अयोध्या इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि जी के नाम पर रखा गया है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में सिर पर मैला ढोने की प्रथा समाप्त की गयी। सफाई कर्मियों को अच्छा मानदेय प्रदान किया जा रहा है। गांव-गांव सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं, जहां स्वच्छता मित्रों को नियमित मानदेय पर रखने का आदेश जारी किया गया है। अब सफाई व संविदा कर्मियों को मानदेय का भुगतान आउटसोर्सिंग कम्पनी के माध्यम से नहीं होगा, बल्कि कॉरपोरेशन के माध्यम से सीधे उनके खाते में किया जाएगा। स्वच्छता कर्मियों को 05 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। सरकार किसी दुर्घटना की स्थिति में सफाई कर्मी के परिवार को 35 से 40 लाख रुपये की सहायता देने जा रही है। अभी तक 80 हजार होमगार्ड जवानों को यह कवर दिया जा चुका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सफाई कर्मियों की सुरक्षा समाज की सुरक्षा है। इनका सम्मान भगवान वाल्मीकि की विरासत का सम्मान है। सफाई कर्मी अपने बच्चों को खूब पढ़ाएं तथा उन्हें स्कूल भेजें। बच्चे पढ़ेंगे, तभी वह समाज को नेतृत्व प्रदान करेंगे। कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता है। जिस प्रकार एक मां अभिभावक के रूप में अपने बच्चों की स्वच्छता का ध्यान रखती है, समाज के प्रति उसी प्रकार की भूमिका सफाई कर्मियों की है। सफाई कर्मियों का बड़प्पन है कि इस प्रकार के काम से जुड़कर भी उन्होंने समाज में किसी विद्वेष को उत्पन्न नहीं होने दिया। हर विपरीत परिस्थिति में पर्व और त्योहार को बेहतर बनाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रीराम मंदिर में स्थापित सप्त ऋषियों के मंदिर में से एक मंदिर भगवान वाल्मीकि का भी है। हमें इस सम्बन्ध से पूरे समाज को अवगत कराना चाहिए। सभी लोग भगवान वाल्मीकि व भगवान श्रीराम के विषय में घर-घर जाकर अवगत कराएं। यही भाव समाज को सशक्त बनाता है।
कार्यक्रम में महर्षि वाल्मीकि के जीवन चरित्र पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, विधान परिषद सदस्य भूपेन्द्र सिंह चौधरी व लालजी प्रसाद निर्मल, सांसद डॉ0 दिनेश शर्मा, बृजलाल तथा श्री अनूप प्रधान वाल्मीकि, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल सहित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।










