पूर्व तेज गेंदबाज ने सुपरस्टार संस्कृति खत्म करने और युवाओं को मौका देने की वकालत की
सिडनी। भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान ने विराट कोहली की खराब फॉर्म और तकनीकी कमियों पर बड़ा सवाल उठाते हुए टीम में सुपरस्टार संस्कृति खत्म करने की बात कही है। पठान का कहना है कि कोहली ने अपनी कमजोरियों को सुधारने के लिए न तो घरेलू क्रिकेट खेला और न ही उस पर मेहनत की।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में कोहली और रोहित शर्मा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। कोहली ने नौ पारियों में केवल 190 रन बनाए और बार-बार ऑफ स्टंप के बाहर गेंद पर कैच आउट हुए। इससे भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने का मौका भी गंवाना पड़ा।
पठान ने कहा, “सुपरस्टार कल्चर खत्म होना चाहिए। टीम को प्रदर्शन में सुधार की जरूरत है। कोहली को घरेलू क्रिकेट खेलने का मौका था, लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज किया।” उन्होंने सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए बताया कि सचिन ने रणजी ट्रॉफी खेलकर अपनी तकनीक को बेहतर किया था।
पठान ने सुझाव दिया कि कोहली की जगह किसी युवा खिलाड़ी को मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “पिछले पांच सालों में कोहली का पहली पारी का औसत 30 से भी कम है। 2024 में यह औसत मात्र 15 रहा। ऐसे में टीम में युवाओं को मौका देना बेहतर होगा।”
उन्होंने कोहली से तकनीकी सुधार के लिए वरिष्ठ खिलाड़ियों से सलाह लेने की बात भी कही। पठान के अनुसार, “सनी सर (गावस्कर) यहां हैं। उनसे या किसी और विशेषज्ञ से बात करने में कितना समय लगता है?”










