काठमांडू-एयर होस्टेस का दावा -इस्तीफा देकर दुबई भागे पूर्व PM ओली?
ओली ने मेडिकल इलाज का बहाना बनाकर देश छोड़ने के लिए सेना से मदद मांगी थी।
उनके लिए हिमालया एयरलाइंस का एक विमान स्टैंडबाय पर रखा गया था।
काठमांडू (एजेंसी )): नेपाल में सरकार के खिलाफ हुए जनांदोलन के फलस्वरूप कई लोगों की मौत होने के बाद प्रधानमंत्री भी सेना के सहारे देश छोड़ने पर मजबूर हुए। काठमांडू समेत पूरा देश हिंसा की चपेट में है। हालात इतने बेकाबू हो गए कि मंगलवार रात को ही नेपाली सेना ने पूरे देश की कमान अपने हाथों में ले ली है।
इस भारी उथल-पुथल के बीच सबसे सनसनीखेज खबर पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को लेकर आ रही है। दावा किया जा रहा है कि इस्तीफा देने के बाद ओली देश छोड़कर दुबई भाग गए हैं। एक नेपाली एयर होस्टेस द्वारा हवाई अड्डे से जारी किए गए वीडियो ने इन अटकलों को और हवा दे दी है, जिसमें उसने ओली के काठमांडू से दुबई के लिए रवाना होने का दावा किया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है, जिससे प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ओली ने मेडिकल इलाज का बहाना बनाकर देश छोड़ने के लिए सेना से मदद मांगी थी। बताया जा रहा है कि उनके लिए हिमालया एयरलाइंस का एक विमान स्टैंडबाय पर रखा गया था।
आंदोलन के दूसरे दिन प्रदर्शनकारी इतने उग्र हो गए कि उन्होंने पूर्व पीएम ओली के निजी आवास के साथ-साथ राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट को भी आग के हवाले कर दिया। अब तक की हिंसक झड़पों और आगजनी की घटनाओं में 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सिर्फ ओली पर ही नहीं, बल्कि तीन अन्य पूर्व प्रधानमंत्रियों पर भी फूटा। शेर बहादुर देउबा, झालानाथ खनाल और पुष्पकमल दहल ‘प्रचंड’ के घरों में भी आग लगा दी गई। इस आगजनी में पूर्व पीएम खनाल की पत्नी राजलक्ष्मी चित्रकार की गंभीर रूप से झुलसने के बाद अस्पताल में मौत हो गई। वहीं, शेर बहादुर देउबा को उनके घर में घुसकर पीटा गया और वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर मारने की खबरें हैं।
नेपाली सेना ने एक बयान जारी कर कहा है कि कुछ उपद्रवी तत्व आम नागरिकों और सरकारी संपत्ति को निशाना बना रहे हैं। काठमांडू समेत कई शहरों में लूटपाट, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हो रही हैं। सेना ने आम जनता से इन गतिविधियों से दूर रहने की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि ऐसा न करने वालों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी।










