2 जनवरी को अदालत में होगी सुनवाई, वकील रबींद्र घोष ने बताया कारावास बढ़ाने की कोशिश
जेल में बंद बांग्लादेशी भिक्षु चिन्मय कृष्ण दास के वकील रबींद्र घोष ने दावा किया है कि बांग्लादेश सरकार और कुछ लोग उनकी कैद की अवधि बढ़ाने की साजिश रच रहे हैं। घोष, जो बांग्लादेश माइनॉरिटी वॉच के अध्यक्ष हैं, ने कहा कि वह 2 जनवरी, 2025 को अपने मुवक्किल के बचाव में अदालत में पेश होंगे।
जमानत याचिका में आ रही है रुकावट
घोष ने आरोप लगाया कि उन्होंने चटगांव मेट्रोपॉलिटन अदालत में दास की जमानत याचिका दाखिल करने की कोशिश की, लेकिन ऐसा करने में बाधाएं आईं। उन्होंने आशंका जताई कि दास को झूठे आरोपों में फंसाया गया है। घोष ने कहा, “यदि मैं बीमार हूं, तो मैं उनके बचाव के लिए अन्य वकीलों की व्यवस्था करूंगा। हम यह लड़ाई जारी रखेंगे।”
चिन्मय दास की गिरफ्तारी की कहानी
भिक्षु चिन्मय कृष्ण दास को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था। वह चटगांव में एक रैली में भाग लेने जा रहे थे। दास बांग्लादेश सम्मिलिता सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता हैं।
इस्कॉन का समर्थन
घोष ने इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास से मुलाकात कर मामले में समर्थन मांगा। उन्होंने कोलकाता स्थित इस्कॉन मंदिर और कार्यालय का दौरा किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाने की बात कही। वकील ने कहा कि वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार के मामलों पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।










