BIHAR -वैशाली में गंगा नदी में डूबी नाव ,13 बच्चों की मौत मचा हाहाकार
पीएम मोदी ने शोक जताया, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की
हादसे की संभावित वजह- छोटी नाव पर 25 से ज्यादा लोग बैठे
वैशाली(BNE). बिहार में वैशाली जिले में गंगा नदी में बड़ा हादसा हो गया है. यहां पर नाव पलट गई. हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई है. सभी की उम्र 6 से 15 साल के बीच बताई जा रही है. मरने वालों में 7 बच्चियां एक ही परिवार की थीं.
हादसा राघोपुर क्षेत्र में मंगलवार रात करीब 8.30 बजे हुआ. 25 से ज्यादा लोग एक छोटी नाव में बैठकर नदी पार कर श्राद्ध के भोज में जा रहे थे. सभी बच्चों के शव गांव पहुंच गए हैं. परिजन ने पोस्टमॉर्टम से इनकार कर दिया है. पुलिस के मुताबिक मरने वालों में पिंकी कुमारी, अंकिता कुमारी, सुनीता कुमारी, आर्यन कुमार, अलीशा कुमारी, सिकी कुमारी, भोणू कुमारी और मीरा कुमारी शामिल हैं. 7 घायलों को पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भेजा गया है.
पीएम मोदी ने शोक जताया, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की
हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो लाख रुपये दिए जाएंगे. वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता मिलेगी.
पीएमओ ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर वैशाली में नाव पलटने की घटना को बेहद दुखद बताया. उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद कर रहा है. पीएमओ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मृतकों के परिजनों और घायलों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से आर्थिक सहायता दी जाएगी.
बिहार सरकार भी देगी चार-चार लाख रुपये
हादसे के बाद बिहार सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशासन को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को कहा है. इस तरह केंद्र और राज्य सरकार की घोषित सहायता के अनुसार, प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल छह लाख रुपये की आर्थिक मदद मिल सकती है. हालांकि, सहायता राशि के वितरण की प्रक्रिया संबंधित सरकारी प्रावधानों के अनुसार होगी.
तेजस्वी यादव ने घटना पर जताया शोक, कहा- राघोपुर जाएंगे
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और राघोपुर विधायक तेजस्वी यादव ने इस घटना को बेहद दुखद बताया है. उन्होंने आशंका जताई कि मृतकों की संख्या करीब 30 हो सकती है. उन्होंने कहा कि वह पटना पहुंचने के बाद सीधे राघोपुर जाएंगे.
हादसे की संभावित वजह- छोटी नाव पर 25 से ज्यादा लोग बैठे
स्थानीय लोगों ने बताया कि रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला के माता महारानी स्थान के पास सिंघेश्वर राय के यहां दावत थी. 25 से ज्यादा लोग इसमें शामिल होने जा रहे थे. हादसे में जान गंवाने वालों में लड़कियां ज्यादा हैं. परिवार ने बच्चों का पोस्टमॉर्टम से इनकार कर दिया है. हंगामे की आशंका को देखते हुए पुलिस की तैनाती की गई है.
मोटी लकड़ी के सहारे लोगों को निकाला गया
हादसे के बाद लोगों ने मोटी लकड़ी में रस्सी बांधकर लोगों को निकाला. खाट का भी इस्तेमाल करके सभी को बाहर निकाला और फिर अस्पताल ले जाया गया. कई लोगों को बचाने वाले रवि यादव ने कहा, नदी पार करते समय नाव टूट गई और बीच धारा में डूब गई. हम सब वहां मौजूद थे. गांव वालों की मदद से सभी को बचाया गया. हमने पूरी कोशिश की, लेकिन हमारी कोशिशों के बावजूद सभी को नहीं बचाया जा सका. सिफऱ् दो या तीन लोग ही बच पाए. यह बहुत दुखद है. प्रशासन को सूचना दी गई थी, लेकिन वे एक घंटे बाद पहुंचे. जब हम अस्पताल गए, तो वहां इलाज की कोई ठीक-ठाक व्यवस्था नहीं मिली. ऑक्सीजन नहीं थी, समय पर मिलती तो कुछ की जान बच सकती थी. राघोपुर के सर्कल ऑफिसर (सीओ) दीपक कुमार को पहले ही नाव की जर्जर हालत के बारे में बताया गया था, फिर भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की. इसी वजह से इतनी बड़ी त्रासदी हुई. हमने खाट और रस्सियों का इस्तेमाल करके सभी को बाहर निकाला और फिर अस्पताल ले गए.









