नई दिल्ली:महाराष्ट्र में बीजेपी की बड़ी तैयारी
पहले शरद पवार की NCP का विलय, फिर NDA में एंट्री…
नई दिल्ली (BNE ) : भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में क्षेत्रीय दलों को तोड़कर अपने में विलय कराने की रणनीति पर काम कर रही है और इस रणनीति में सफलता भी मिल रही है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों नई सियासी अटकलों ने जोर पकड़ लिया है। चर्चा है कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-एसपी) भविष्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा बन सकती है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसके लिए एक अहम शर्त रखी है।
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि शरद पवार गुट को एनडीए में शामिल करने पर तभी विचार किया जाएगा, जब एनसीपी के दोनों गुट—शरद पवार और अजित पवार—अपने मतभेद समाप्त कर फिर से एक हो जाएं। सूत्रों का कहना है कि केवल शरद पवार या उनके करीबी नेताओं को अलग से एनडीए में शामिल करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।
उधर, महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) के साथ सरकार चला रही अजित पवार की एनसीपी भी अपनी राजनीतिक अपेक्षाएं खुलकर सामने रख रही है। पार्टी ने मांग की है कि हाल ही में राज्यसभा सदस्य बने पार्थ पवार को भविष्य में होने वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री बनाया जाए।
इन अटकलों के बीच केंद्र सरकार संसद के मानसून सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पेश करने की तैयारी में है। प्रस्तावित विधेयक के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने और नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने का प्रावधान है।
लोकसभा में एनसीपी (एसपी) के आठ सांसद और राज्यसभा में एक सदस्य हैं। ऐसे में सरकार के लिए पार्टी का समर्थन या कम से कम तटस्थ रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बारामती से सांसद और एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने हाल ही में कहा था कि यदि परिसीमन सभी राज्यों में समान रूप से 50 प्रतिशत सीट वृद्धि के आधार पर किया जाता है, तो उसका विरोध करने का कोई विशेष कारण नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा और पार्टी ने अभी तक कोई आधिकारिक रुख नहीं अपनाया है।
इस बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास पर एनसीपी के दोनों गुटों के नेताओं की बैठक के बाद राजनीतिक चर्चाओं को और बल मिला। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि यह बैठक किसी राजनीतिक पुनर्गठन के बजाय कुछ विशेष प्रशासनिक मुद्दों पर केंद्रित थी।
एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस से सांगली जिले से जुड़े स्थानीय प्रशासनिक मामलों पर चर्चा की। वहीं, उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से भी मुलाकात कर उरुन-इस्लामपुर नगर परिषद के अध्यक्ष आनंदराव मालगुंडे और पार्षद सुनील मालगुंडे को कथित अतिक्रमण मामले में अयोग्य ठहराए जाने के मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की।
सूत्रों के अनुसार, पिछले सप्ताह शरद पवार ने भी अपने विधायकों के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय में बैठक की थी। हालांकि, सुप्रिया सुले ने इसे महज संयोग बताया।
फिलहाल, एनसीपी (एसपी) के एनडीए में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाएं फिलहाल सूत्रों और हालिया बैठकों पर आधारित हैं, जबकि सभी दल सार्वजनिक रूप से अपने-अपने रुख पर कायम हैं।










