अमेरिका की बड़ी सुरक्षा चूक!
Houthis पर हमले की सीक्रेट वॉर प्लानिंग लीक, ट्रंप की कोर टीम से हुई भारी गलती
अमेरिका में एक बड़ी सुरक्षा चूक सामने आई है, जिसने व्हाइट हाउस में हड़कंप मचा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन के हूती आतंकियों पर अमेरिकी हमले की गोपनीय सैन्य योजना लीक हो गई। चौंकाने वाली बात यह है कि यह लीक तब हुआ जब एक पत्रकार को गलती से एक प्राइवेट सिग्नल चैट ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारी इस ऑपरेशन पर चर्चा कर रहे थे।
कैसे लीक हुआ सीक्रेट वॉर प्लान?
द अटलांटिक के प्रधान संपादक जेफरी गोल्डबर्ग ने खुलासा किया कि उन्हें ‘Houthi PC Small Group’ नामक ग्रुप में गलती से जोड़ा गया था। इस चैट में अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड और विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल थे। इसमें हूथियों पर हमले की रणनीति, लक्ष्यों की लोकेशन और इस्तेमाल होने वाले हथियारों की पूरी डिटेल थी।
व्हाइट हाउस की पुष्टि, आंतरिक जांच शुरू
यह लीक 15 मार्च को यमन में हुए अमेरिकी हमले से कुछ दिन पहले हुआ। जब मामला सामने आया, तो व्हाइट हाउस ने इसकी पुष्टि की और आंतरिक जांच शुरू कर दी। डेमोक्रेटिक सांसदों ने इस लीक की कड़ी निंदा की। सीनेटर चक शूमर ने इसे “हाल के दिनों में सैन्य खुफिया जानकारी का सबसे चौंकाने वाला उल्लंघन” बताया। वहीं, सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने सिग्नल चैट ऐप के इस्तेमाल को अवैध और खतरनाक करार दिया।
हालांकि, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ब्रायन ह्यूजेस ने दावा किया कि इस लीक से अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को कोई सीधा खतरा नहीं है। लेकिन इस घटना ने ट्रंप प्रशासन की सुरक्षा प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं!










