देहरादून में बादल फटने के बाद मची तबाही,अब तक 8 लाशें बरामद, कई लापता…
अचानक बादल फटने से कारलीगाढ़ नदी में बाढ़ आ गई और इस कारण आसपास के क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है।
प्रशासन ने नदी के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
देहरादून (BNE)उत्तराखण्ड में लगातार आपदाएं की घटनाएं हो रही है ,जिसकी वजह से यहाँ जनजीवन सामान्य नहीं हो प् रहा है। इसी बीच फिर एक दुखद हादसे की खबर मिली है। यहाँ सहस्रधारा क्षेत्र में सोमवार रात बादल फटने की वजह से 8लोगों की मौत हो गयी जबकि 4 के लापता होने की खबर है।
मिली जानकारी के अनुसार अचानक बादल फटने से कारलीगाढ़ नदी में बाढ़ आ गई और इस कारण आसपास के क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। सहस्त्रधारा समेत आसपास के इलाके तपोवन, आईटी पार्क, घंगौरा, घड़ी कैंट इलाकों में पानी भर गया। कई सड़कें बह गईं। विकास नगर में टोंस नदी में पानी का बहाव अचानक तेज हो गया। इस दौरान मजदूरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में बह गई।
लगातार और तेज बारिश के कारण नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया, जिसके कारण एक महत्वपूर्ण पुल ढह गया और नदी के किनारे बनी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, नदी के किनारे स्थित दर्जनों दुकानें या तो पूरी तरह नष्ट हो गईं या बह गईं। इसके अलावा, बाढ़ के पानी के तेज बहाव के कारण दो होटल भी ढह गए हैं। मसूरी देहरादून मार्ग बंद होने से सड़क में बीच-बीच में कई जगह वाहन फंसे हैं। पुलिस लगातार अनाउंस कर लोगों से मसूरी-दून मार्ग में यात्रा नहीं करने की अपील कर रही है। कर्णप्रयाग और गौचर में बदरीनाथ हाईवे बोल्डर गिरने से बंद हैं। वहीं श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ा हुई है। खतरे का स्तर पार करने की आशंका है।
आपदा की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई की। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने खुद ही कमान संभाली और सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल बचाव और राहत कार्य शुरू किया। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और अन्य आपातकालीन सेवा दलों को जेसीबी मशीनों और आवश्यक उपकरणों के साथ रात में ही घटनास्थल पर भेजा गया। प्रशासन ने नदी के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।










