NEW DELHI-इमरजेंसी के बारे में सोनिया गांधी ने सास इंदिरा गांधी का किया बचाव और कहा ये
इंदिरा जी ने खुद जताया था अफ़सोस
सोनिया गांधी ने इस बात का भी जिक्र किया कि इंदिरा गांधी ने बाद में हालात को समझा और मार्च 1977 में चुनाव कराने का फैसला लिया
NEW DELHI (BNE)देश में एमरजेंसी लगाए जाने के करीब पांच दशक बाद कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। उन्होंने माना कि एमरजेंसी के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश लगाया गया था, लेकिन यह सब संवैधानिक तरीके से हुआ था। साथ ही उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का बचाव करते हुए कहा कि उस वक्त देश में तेजी से बिगड़ते हालात से निपटने के लिए वह संघर्ष कर रही थीं। एक इंटरव्यू में सोनिया गांधी ने ये बातें अपनी किताब ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव ’ के लॉन्च से पहले कहीं। उन्होंने कहा कि आज पीछे मुडक़र देखने पर उस दौर की घटनाओं को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।
सोनिया के मुताबिक, इंदिरा गांधी ने भी बाद में एमरजेंसी के दौरान हुई ज्यादतियों पर सार्वजनिक रूप से अफसोस जताया था और माफी मांगी थी। सोनिया गांधी ने कहा कि लोग अकसर एमरजेंसी के लिए संजय गांधी को कसूरवार ठहराते हैं, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर उनके कुछ वरिष्ठ साथियों का बहुत अधिक दबाव था। सोनिया गांधी ने कहा कि संजय गांधी ही अकेले नहीं थे, हालांकि आम लोगों की नजर में उन्हें अकसर एमरजेंसी का पर्याय माना जाता है। इंदिरा गांधी पर उनके कुछ वरिष्ठ सहयोगियों का भी काफी दबाव था।
खुद जताया था अफसोस
सोनिया गांधी ने इस बात का भी जिक्र किया कि इंदिरा गांधी ने बाद में हालात को समझा और मार्च 1977 में चुनाव कराने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने एमरजेंसी के दौरान हुई ज्यादतियों पर सार्वजनिक रूप से अफसोस जताया और माफी भी मांगी थी।









