रियाद-हूती विद्रोहियों ने किया रियाद एयरपोर्ट पर हमला
किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को आंशिक रूप से फिर से खोल दिया गया है और सीमित स्तर पर उड़ानों का संचालन शुरू किया गया है।
रियाद (BNE) : यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। गठबंधन ने दावा किया है कि रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल और दो ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। इस बीच, रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को आंशिक रूप से फिर से खोल दिया गया है और सीमित स्तर पर उड़ानों का संचालन शुरू किया गया है।
हूती विद्रोही लगातार सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने का दावा कर रहे हैं। रविवार को समूह ने सऊदी अरब पर तीन हमले करने और दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की बात कही। हूती समूह के मुताबिक, इनमें से एक हमला किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किया गया था और वह अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहा। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रियाद एयरपोर्ट प्रशासन ने इससे पहले घोषणा की थी कि रविवार से टर्मिनल-1 से घरेलू उड़ानें और टर्मिनल-2 से राष्ट्रीय विमानन कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित की जाएंगी। इसके बाद हवाई अड्डे को आंशिक रूप से खोला गया।
इसी बीच हूती विद्रोहियों ने हवाई अड्डे को फिर निशाना बनाने का दावा करते हुए यात्रियों और विमानन कंपनियों को वहां से दूरी बनाए रखने की चेतावनी दी। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अब सुरक्षित नहीं है और उनके संगठन के लिए एक सैन्य लक्ष्य है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय विमानन कंपनियों के साथ-साथ हवाई अड्डे के कर्मचारियों और यात्रियों से वहां यात्रा नहीं करने की अपील की।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक, रविवार को सऊदी अरब की ओर दागी गई कुल 12 मिसाइलों और दो ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया गया। इनमें रियाद क्षेत्र को निशाना बनाकर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल और दो ड्रोन भी शामिल बताए गए।
हूती विद्रोहियों ने खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयर बेस और जाजान में सऊदी सीमा सुरक्षा बल के नौसैनिक अड्डे को भी निशाना बनाने का दावा किया। हालांकि, दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल को लेकर भी चेतावनी जारी की। हालांकि, उनकी चेतावनी में मक्का और मदीना के ऊपर के हवाई क्षेत्र को शामिल नहीं किया गया।
इसके अलावा, हूती नियंत्रण वाले क्षेत्र की समाचार एजेंसी सबा ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों से कर्मचारियों और आम नागरिकों को दूर रहने की हिदायत दिए जाने की जानकारी दी। सऊदी कंपनियों में निवेश करने वाले शेयरधारकों को भी संभावित नुकसान को लेकर चेतावनी दी गई। लगातार जारी इन धमकियों और सैन्य कार्रवाई के दावों के बीच सऊदी अरब के महत्वपूर्ण हवाई और तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।










