नई दिल्ली-संसद का मॉनसून सत्र आज से शुरू,धरना प्रदर्शन को लेकर हाई अलर्ट
CJP का ‘चलो संसद’ मार्च का ऐलान, दिल्ली में हाई अलर्ट; धारा 163 लागू
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमें 24 घंटे स्टैंडबाय पर रखी गई हैं।
नई दिल्ली (BNE ) : आज सोमवार 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। वहीँ दूसरी ओर कॉक्रोच पार्टी का धरना प्रदर्शन भी लगातार जारी है निस्को जिसको लेकर दिल्ली में आज हाई अलर्ट किया गया है। चप्पे चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात है। पार्टी ने आज संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही पार्टी ने 20 जुलाई से ‘चलो संसद’ मार्च का आह्वान किया है।
इस मार्च के समर्थन में देशभर से छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और उनके अभिभावक 19 जुलाई की शाम से ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटने लगे। संसद सत्र के दौरान प्रस्तावित इस प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। जंतर-मंतर, पार्लियामेंट स्ट्रीट, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और शंकर चौक समेत संवेदनशील इलाकों में तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सुरक्षा ग्रिड में दिल्ली पुलिस की दो परतों के साथ अर्द्धसैनिक बलों की एक परत तैनात की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमें 24 घंटे स्टैंडबाय पर रखी गई हैं।
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी सार्वजनिक सलाह में स्पष्ट किया कि इस विरोध मार्च या जुलूस के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई अनुमति दी गई है।
उन्होंने बताया कि संसद के मानसून सत्र और प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व की धारा 144) लागू कर दी गई है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने, धरना देने या विरोध प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध रहेगा। केवल जंतर-मंतर पर पूर्व अनुमति के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति होगी।
दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से कानून का पालन करने और किसी भी अनधिकृत मार्च या प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील की गई है।










