Online Gaming Sector :1 मई से online गेमिंग में होने जा रहा है बड़ा बदलाव
रियल मनी वाले गेम्स पर प्रतिबंध रहेगा, वहीं ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा दिया जाएगा
Online Gaming Sector :देश में ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए नियम 1 मई 2026 से लागू होने वाले हैं, जिनके तहत पैसे लगाकर खेले जाने वाले ऑनलाइन गेम्स पर सख्त रोक लगाई जाएगी। यह प्रावधान ‘प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट’ के तहत लागू किया जा रहा है, जिसे वर्ष 2025 में संसद से मंजूरी मिली थी। इन नियमों का उद्देश्य गेमिंग इंडस्ट्री को नियंत्रित करना, यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाना और गैरकानूनी सट्टेबाजी जैसे तत्वों पर लगाम लगाना है।
सरकार ने साफ किया है कि जहां एक ओर रियल मनी वाले गेम्स पर प्रतिबंध रहेगा, वहीं ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका मतलब है कि बिना पैसे वाले गेम्स, स्किल-बेस्ड प्रतियोगिताएं और प्रोफेशनल ई-स्पोर्ट्स गतिविधियां पहले की तरह जारी रहेंगी और उन्हें कानूनी संरक्षण भी मिलेगा।
नए नियमों के लागू होने के बाद गेमिंग कंपनियों और यूजर्स दोनों के लिए कई नई गाइडलाइंस तय की गई हैं। अब किसी भी गेमिंग प्लेटफॉर्म को यूजर्स की उम्र की पुष्टि करनी होगी और नाबालिगों के लिए उचित प्रतिबंध लागू करने होंगे। साथ ही, गेम खेलने के समय को लेकर भी सीमाएं तय करनी होंगी, ताकि अत्यधिक गेमिंग से होने वाले नुकसान को रोका जा सके। पैरेंटल कंट्रोल जैसे फीचर्स को अनिवार्य किया गया है, जिससे अभिभावक बच्चों की गतिविधियों पर नजर रख सकें।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किन गेम्स को “पैसे वाले गेम” माना जाएगा। यदि किसी गेम को खेलने के लिए एंट्री फीस देनी पड़ती है, या उसमें जीतने पर नकद या किसी मूल्यवान इनाम की संभावना होती है, या गेम के अंदर मौजूद वर्चुअल आइटम्स को असली पैसे में बदला जा सकता है, तो ऐसे सभी गेम इस श्रेणी में आएंगे और उन पर प्रतिबंध लागू होगा। इसके अलावा, गेमिंग कंपनियों को अपनी सेवा शर्तें और नियम यूजर्स के सामने स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने होंगे।
उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए भी एक तीन-स्तरीय व्यवस्था बनाई गई है। पहले स्तर पर यूजर सीधे संबंधित गेमिंग कंपनी की शिकायत निवारण सेल से संपर्क कर सकता है। यदि वहां समाधान नहीं मिलता, तो दूसरा विकल्प ‘ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ में अपील करना होगा, जहां 30 दिनों के भीतर मामले को सुलझाने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद भी यदि संतोषजनक समाधान नहीं मिलता, तो अंतिम अपील आईटी सचिव के पास की जा सकेगी, जिनका निर्णय अंतिम माना जाएगा।
टैक्स को लेकर भी सरकार ने सख्त प्रावधान लागू किए हैं। ऑनलाइन गेमिंग से होने वाली कमाई पर अब 30 प्रतिशत तक टैक्स देना होगा। इसके अलावा, Income Tax Department के नियमों के अनुसार सेक्शन 194BA के तहत टीडीएस भी काटा जाएगा। यानी गेमिंग से होने वाली आय को अब पूरी तरह टैक्स के दायरे में लाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियमों से ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री में पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी। हालांकि, कुछ कंपनियों के लिए यह बदलाव चुनौतीपूर्ण भी साबित हो सकता है, खासकर उन प्लेटफॉर्म्स के लिए जो रियल मनी गेमिंग पर निर्भर हैं।
सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब देश में ऑनलाइन गेमिंग का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और करोड़ों यूजर्स इससे जुड़े हुए हैं। ऐसे में नए नियमों के जरिए एक सुरक्षित, जिम्मेदार और नियंत्रित गेमिंग माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
आने वाले समय में इन नियमों का प्रभाव पूरे गेमिंग इकोसिस्टम पर देखने को मिलेगा, जहां यूजर्स को अधिक सुरक्षा मिलेगी और कंपनियों को सख्त नियामक ढांचे के तहत काम करना होगा









