UP NEWS-वाराणसी कचहरी, इलाहाबाद हाईकोर्ट और अयोध्या के न्यायालय परिसरों को बम से उड़ाने की खुली धमकी
जज को मिला ईमेल,सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी
वाराणसी (BNE ): यूपी की धार्मिक नगरी काशी में शुक्रवार को उस समय अफरातफरी का माहौल हो गया जब जिला जज को एक खौफनाक ईमेल प्राप्त हुआ। इस ईमेल में वाराणसी कचहरी, इलाहाबाद हाईकोर्ट और अयोध्या समेत प्रदेश के कई अन्य जनपदों के न्यायालय परिसरों को बम से उड़ाने की खुली धमकी दी गई। धमकी देने वाले ने प्रशासन को चुनौती देते हुए दोपहर 1 बजे का समय निर्धारित किया है और कहा है कि सिलसिलेवार 18 धमाके किए जाएंगे। इस सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।
कचहरी खाली कराई गई, लावारिस अटैची ने बढ़ाई धड़कनें
धमकी मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। आनन-फानन में वाराणसी कचहरी परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। सुरक्षा को देखते हुए कचहरी के साथ-साथ कलक्ट्रेट के सभी कार्यालय और रजिस्ट्री दफ्तर भी खाली कराए जा रहे हैं। इसी गहमागहमी के बीच परिसर में एक लावारिस अटैची मिलने से सनसनी और बढ़ गई। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) मौके पर पहुंच गया है और अटैची की जांच में जुटा हुआ है। उधर, ईमेल में अयोध्या कचहरी का भी जिक्र होने के कारण वहां भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। अयोध्या में भी कचहरी परिसर खाली कराकर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
तमिलनाडु कनेक्शन और मीडिया पर गंभीर आरोप
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह धमकी भरा ईमेल तमिलनाडु के रहने वाले सुनिया डासन नामक व्यक्ति की आईडी से भेजा गया है। ईमेल में सिर्फ बम धमाकों की ही बात नहीं है, बल्कि इसमें तमिलनाडु सरकार और मीडिया के बीच कथित गठजोड़ को लेकर बेहद चौंकाने वाले और गंभीर दावे किए गए हैं। मेल भेजने वाले ने लिखा है कि तमिलनाडु सरकार 2021 तक मीडिया को खत्म करना चाहती थी और इसके लिए बड़े पत्रकारों (जर्नलिस्टों) को अपने पक्ष में करने के लिए ‘हायर’ किया गया है। ईमेल में मीडिया मैनेजमेंट को लेकर गहरी नाराजगी जताई गई है।
पत्रकारों को लड़कियां सप्लाई करने का दावा
ईमेल का मजमून काफी आपत्तिजनक और सनसनीखेज है। आरोपी सुनिया डासन ने आरोप लगाया है कि नामचीन पत्रकारों को सरकार के पक्ष में करने के लिए उन्हें निजी हाथों में बेचा जा रहा है। सबसे अधिक चौंकाने वाला दावा यह है कि इन पत्रकारों को खुश करने के लिए नाबालिग बच्चियां और लड़कियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। ईमेल में एक विश्वविद्यालय की प्रोफेसर और कुछ स्थानीय बदमाशों की मिलीभगत का भी जिक्र किया गया है। मेल भेजने वाले ने बकायदा आठ चर्चित पत्रकारों और उनके पास भेजी गई लड़कियों के नाम और उनकी उम्र का भी उल्लेख किया है। आरोपी का कहना है कि व्यवस्था के खिलाफ उसके इसी गुस्से का परिणाम इन बम धमाकों के रूप में सामने आएगा। फिलहाल पुलिस साइबर सेल की मदद से ईमेल की सत्यता और भेजने वाले की लोकेशन ट्रेस कर रही है।










