US ट्रेड डील के विरोध में किसान-मजदूर संगठनों का संयुक्त मोर्चा
सभी संगठनों ने किसान-मजदूरों, युवाओं और आम जनता से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की
- आगामी माह में दिल्ली में विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी
नई दिल्ली (BNE) US ट्रेड डील के विरोध में किसान-मजदूर संगठनों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी संगठनों ने एक स्वर में इस डील को किसान-मजदूर और देश विरोधी करार दिया।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प के दबाव में देश की संप्रभुता के साथ समझौता किया है। इस ट्रेड डील से देश की खेती-किसानी तबाह हो जाएगी और भारत, अमेरिका के कृषि एवं औद्योगिक उत्पादों का डंपिंग ग्राउंड बनकर रह जाएगा।
संगठनों ने आशंका जताई कि इस समझौते से—किसानों की आय और स्वायत्तता पर गंभीर संकट आएगा.स्थानीय उत्पादन खत्म होगा.मजदूरों के रोजगार और अधिकारों पर सीधा हमला होगा.देश की संप्रभुता, खेती-किसानी और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए एक संयुक्त मोर्चा बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मुख्य मांगें
US ट्रेड डील को तत्काल रद्द किया जाए
मजदूर विरोधी VV बग्राम योजना को रद्द किया जाए
मनरेगा की पूर्ण बहाली सुनिश्चित की जाए
इन मांगों को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने हेतु एक समन्वय समिति का गठन किया गया है, जो देशभर के विभिन्न किसान-मजदूर संगठनों से संवाद करेगी।
समन्वय समिति के सदस्य
उत्तर प्रदेश / पंजाब
चौ. हरपाल सिंह बिलारी – अध्यक्ष, भाकियू (असली)
प्रबल प्रताप शाही
विपिन खारी – भाकियू बलराज
अतर सिंह – राष्ट्रीय मजदूर किसान मंच
फरीद अहमद खान – मनरेगा बचाओ मोर्चा
राजपाल यादव – भाकियू (असली)
हरियाणा / राजस्थान / हिमाचल
सुमन हुड्डा – भाकियू (चढूनी)
धीरज गाबा – राष्ट्रीय मजदूर किसान मंच
मध्य प्रदेश / महाराष्ट्र
राहुल निहोरे – श्रमिक संघर्ष मोर्चा, इंदौर
दिल्ली
निशांत
विवेक श्रीवास्तव
आगामी कार्यक्रम
15 फ़रवरी 2026 – इंदौर (मध्य प्रदेश) : बड़ी पंचायत
18 फ़रवरी 2026 – मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) : किसान-मजदूर महापंचायत
23 मार्च 2026 – पीपली (हरियाणा) : राज्य स्तरीय पंचायत
आगामी माह में दिल्ली में विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी
सभी संगठनों ने किसान-मजदूरों, युवाओं और आम जनता से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।









