
राज्यपाल ने 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026 का किया उद्घाटन
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राज्यपाल ने प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित
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प्रदर्शनी में रचनात्मकता और नवाचार स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है
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बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अधिक अवसर मिलना चाहिए
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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, बचत की आदत विकसित करने एवं पोषणयुक्त आहार को बढ़ावा देने की अपील
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लखनऊ, (BNE)प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज जन प्रांगण, लखनऊ में आयोजित 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026 का उद्घाटन माननीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान एवं कृषि विपणन दिनेश प्रताप सिंह जी की गरिमामयी उपस्थिति में किया तथा प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल जी ने प्रदेश के प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया।
राज्यपाल जी ने प्रदर्शनी में प्रतिभाग करने वाले सभी विभागों, संस्थानों, किसानों, विद्यार्थियों एवं आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि इस वर्ष प्रदर्शनी में रचनात्मकता और नवाचार स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुष्प सज्जा केवल गमलों तक सीमित न होकर विचार एवं संदेश देने वाली होनी चाहिए, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश पहुँचे।
राज्यपाल जी ने प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित राम दरबार एवं गोवर्धन पर्वत की प्रतिकृति सहित विभिन्न मॉडलों की सराहना की तथा कहा कि इन प्रदर्शनों के साथ उनके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक महत्व की जानकारी भी प्रदर्शित की जानी चाहिए ताकि बच्चों एवं दर्शकों को इससे सीखने का अवसर मिले।
उन्होंने बच्चों में रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने पर बल देते हुए कहा कि उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अधिक अवसर दिए जाने चाहिए। इस संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी है तथा सभी को इसे डाउनलोड कर सुनना चाहिए।
राज्यपाल जी ने कहा कि खेती, पशुपालन एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में वैज्ञानिक ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ड्रिप इरिगेशन, डेयरी विकास, महिला सहभागिता एवं तकनीक आधारित कृषि की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, बचत की आदत विकसित करने एवं पोषणयुक्त आहार को बढ़ावा देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि किसानों, विशेषकर महिलाओं एवं युवाओं को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान कर कृषि एवं पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि कृषि विश्वविद्यालयों एवं संबंधित विभागों को अन्य राज्यों के सफल मॉडलों से सीख लेकर उन्हें उत्तर प्रदेश में लागू करना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों, पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान एवं गौ अनुसंधान संस्थान , मथुरा तथा उद्यान विभाग के मंत्री को तीन से चार दिनों के लिए गुजरात स्थित बनास डेयरी का भ्रमण कर वहाँ ठहरकर उसके कार्यप्रणाली को सीखते हुए उसे आत्मसात करना चाहिए।
राज्यपाल जी ने प्रदर्शनी की अवधि एक दिन बढ़ाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सोमवार को भी स्कूलों के बच्चे एवं अन्य दर्शक प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी प्रदर्शनी से संबंधित पेंटिंग, कविता एवं निबंध तैयार कर जन भवन भेजें।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल जी द्वारा डाक विभाग के माध्यम से 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी पर आधारित विशेष आवरण, विरूपण तथा पिक्चर कार्ड का विमोचन किया गया। इसके साथ ही पोस्ट क्रॉसिंग वेलफेयर सोसाइटी ऑफ इंडिया, प्रयागराज द्वारा जन भवन उत्तर प्रदेश के विशिष्ट वास्तु-शिल्प एवं जन भवन परिसर में उपलब्ध पादप एवं वनस्पतियों की थीम पर आधारित “रंगीन पोस्टकार्ड” का भी विमोचन किया गया।
इस अवसर पर उद्यान विभाग द्वारा प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी पर आधारित स्मारिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर माननीय उद्यान मंत्री श्री दिनेश प्रताप सिंह ने प्रदर्शनी के सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए प्रदेश के किसानों के सुख, समृद्धि एवं उन्नति की कामना की। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी राज्य में उद्यानिकी के क्षेत्र में हो रहे निरंतर विकास एवं नवाचार का सशक्त उदाहरण है। उद्यान मंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई रचनात्मक कृतियाँ यह दर्शाती हैं कि सीमित संसाधनों में भी बड़े कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने जन भवन में आयोजित इस प्रदर्शनी को प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास एवं जनसहभागिता का प्रतीक बताया।
माननीय उद्यान मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने हेतु पारंपरिक खेती के साथ-साथ फल, सब्जी, फूलों एवं संरक्षित खेती को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में हॉर्टिकल्चर एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड की स्थापना की गई है, जिसके माध्यम से किसानों की उपज को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाकर मूल्य संवर्धन किया जा रहा है। मलिहाबाद के आम का अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रारंभ होने से राज्य के किसानों की उपज को वैश्विक बाजारों तक पहुँचाने में और अधिक सुविधा होगी। सरकार पालीहाउस, हाईटेक नर्सरी एवं संरक्षित खेती हेतु अनुदान प्रदान कर किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि सीमित भूमि में अधिक मूल्य देने वाली फसलों की खेती ही भविष्य की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में विशेष कार्याधिकारी (अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव (उद्यान) श्री बी.एल. मीणा, मंडल आयुक्त, लखनऊ श्री विजय विश्वास पंत, निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री भानु प्रकाश राम सहित जन भवन एवं उद्यान विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित रहे।
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