मुंबई-दलाल स्ट्रीट पर जबरदस्त कोहराम ! सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम; निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपए स्वाहा
इन मिडकैप और लार्जकैप शेयरों में मची सबसे ज्यादा मारामारी
मिनटों में स्वाहा हुए 5 लाख करोड़, 120 शेयरों में लगा लोअर सर्किट
मुंबई (BNE): भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को चौतरफा बिकवाली का भीषण दबाव देखने को मिला, जिससे दलाल स्ट्रीट पर जबरदस्त कोहराम मच गया। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 1 फीसदी यानी 230 अंक फिसलकर 23,255 के स्तर पर आ गया, जबकि बीएसई सेंसेक्स 0.87 फीसदी यानी 637 अंक का बड़ा गोता लगाकर 74,265.32 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेज गिरावट के चलते बाजार के लगभग सभी सेक्टर्स में लाल निशान हावी रहा, जिसमें सबसे ज्यादा मार मेटल और रियल्टी सेक्टर पर पड़ी।
मिनटों में स्वाहा हुए 5 लाख करोड़, 120 शेयरों में लगा लोअर सर्किट
बाजार में आई इस सुनामी के चलते निवेशकों की संपत्ति को भारी झटका लगा है। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 483 लाख करोड़ रुपये से 5 लाख करोड़ रुपये घटकर 478 लाख करोड़ रुपये पर सिमट गया। बाजार में मंदी का आलम यह रहा कि बीएसई पर एक्टिव कुल 3,365 शेयरों में से 2,376 शेयर भारी गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि महज 809 शेयरों में ही बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा, 120 शेयरों में लोअर सर्किट लगा और 117 शेयर टूटकर अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर तक पहुंच गए।
दिग्गज हैवीवेट्स पस्त, टॉप 30 में से 22 शेयर लाल
सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से केवल 8 शेयर ही मामूली बढ़त दर्ज कर सके, जबकि बाकी 22 शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा स्टील के शेयर 2 फीसदी से अधिक लुढ़क गए। इसके साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) जैसे दिग्गज शेयरों में भी बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे बाजार को संभलने का कोई मौका नहीं मिला।
मार्केट में अचानक क्यों आई इतनी भारी गिरावट?
दलाल स्ट्रीट पर मचे इस हाहाकार के पीछे तीन बड़े वैश्विक और घरेलू कारण रहे। सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में आया उछाल है, जो 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। इससे आयात बिल और महंगाई बढ़ने की चिंताएं गहरा गई हैं। दूसरी तरफ अमेरिका में महंगाई के मजबूत आंकड़ों के चलते यूएस फेडरल बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी जारी रहने की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने दबाव को और बढ़ा दिया, जहां 10 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने 438 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिसके सामने घरेलू निवेशकों की 1,026 करोड़ रुपये की लिवाली भी बेअसर साबित हुई।
इन मिडकैप और लार्जकैप शेयरों में मची सबसे ज्यादा मारामारी
चौतरफा बिकवाली के दौर में शिपिंग, रियल्टी और मेटल शेयरों की जमकर पिटाई हुई। कोचीन शिपयार्ड और गोदरेज प्रॉपर्टीज के शेयर 6-6 फीसदी तक टूट गए, जबकि लोधा डेवलपर्स में 5 फीसदी की भारी गिरावट आई। वहीं मेटल स्पेस में हिंदुस्तान कॉपर और हिंदुस्तान जिंक के शेयर 4-4 फीसदी फिसल गए। इसके साथ ही एनएसीएल में 4 फीसदी, मुथूट फाइनेंस में करीब 4 फीसदी और डिक्सन टेक्नोलॉजीज में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।










