वॉशिंगटन-हार की खीज से भौखलाए ट्रंप -9 भारतीय कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट
‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत कार्रवाई, ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने का लक्ष्य
भारत स्थित 9 कंपनियों पर प्रतिबंध से कारोबार पर सीधा असर
वॉशिंगटन (BNE): अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के राजनीतिक दबाव और वैश्विक उथल-पुथल के बीच अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के तेल व्यापार से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करते हुए भारत से जुड़े नेटवर्क पर शिकंजा कस दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय (US Department of the Treasury) ने एक भारतीय कारोबारी, उनकी पत्नी और भारत स्थित नौ व्यावसायिक कंपनियों पर सीधे प्रतिबंध (Sanctions) लगा दिए हैं। इन सभी पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की अनदेखी कर ईरान को अवैध रूप से कच्चे तेल का निर्यात और समुद्री व्यापार जारी रखने में मदद करने के गंभीर आरोप लगे हैं। अमेरिकी प्रशासन ने इसे एक संगठित और बड़ा समुद्री आपराधिक नेटवर्क करार दिया है।
सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी पर नेटवर्क संचालन का आरोप
अमेरिकी वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, भारतीय कारोबारी सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति शाहिद को इस अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी नेटवर्क का प्रमुख संचालक और सूत्रधार बताया गया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस दंपति ने तेल टैंकरों और जहाजों के लिए फर्जी समुद्री पंजीकरण (Maritime Registration) और जहाजों के फर्जी झंडों (Flag Registry) से संबंधित फर्जी दस्तावेज व प्रमाणपत्र तैयार करवाए। इसका मुख्य उद्देश्य यह था कि ईरानी तेल की ढुलाई करने वाले जहाज समुद्री नियमों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की नजर से बचकर वैश्विक जलक्षेत्र में अपना परिचालन बेरोकटोक जारी रख सकें।
‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत कार्रवाई, ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने का लक्ष्य
यह कड़ा कदम अमेरिकी सरकार के विशेष अभियान ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ (Operation Economic Outcast) के तहत उठाया गया है। अमेरिकी प्रशासन का स्पष्ट रणनीतिक उद्देश्य ईरान के पेट्रोलियम निर्यात और उससे जुड़ी वित्तीय गतिविधियों पर पूर्ण अंकुश लगाना है, ताकि तेहरान को तेल बिक्री से होने वाली मोटी कमाई से वंचित किया जा सके। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि फर्जी पहचान और मुखौटा कंपनियों के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वैश्विक नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा।
भारत स्थित 9 कंपनियों पर प्रतिबंध से कारोबार पर सीधा असर
प्रतिबंधों की जद में आई भारत की नौ कंपनियों पर वित्तीय लेन-देन, संपत्ति फ्रीज करने और अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में किसी भी प्रकार के व्यापारिक समझौते पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण इन कंपनियों और संचालकों के साथ किसी भी प्रकार का लेन-देन करने वाले अंतरराष्ट्रीय बैंकों और समुद्री बीमा कंपनियों पर भी द्वितीयक प्रतिबंधों (Secondary Sanctions) का खतरा मंडराने लगा है। इस कड़े कदम से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग उद्योग और तेल व्यापार से जुड़े भारतीय कारोबारी हलकों में हड़कंप मच गया है।










