नई दिल्ली-अपने देश लौटने पर बोलीं शेख हसीना -अपनी मिट्टी पर मरना मंजूर
उन्हें गिरफ्तारी या मौत की सजा का सामना ही क्यों न करना पड़े, वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगी।
2025 में सुनाई गई थी मौत की सजा-ट्रिब्यूनल के फैसले को बताया राजनीतिक साजिश
नई दिल्ली(BNE)- बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत से अपने देश लौटने को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि वह आगामी दिसंबर में हर हाल में ढाका वापस लौटेंगी। इसके लिए उन्हें गिरफ्तारी या मौत की सजा का सामना ही क्यों न करना पड़े, वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगी। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को ईमेल के माध्यम से दिए इंटरव्यू में हसीना ने कहा कि यदि उनकी किस्मत में मौत लिखी है, तो वह किसी दूसरे देश में रहने के बजाय अपनी मातृभूमि और अपने लोगों के बीच अंतिम सांस लेना पसंद करेंगी।
अगस्त 2024 में छोड़ना पड़ा था देश
शेख हसीना बांग्लादेश की राजनीति में लंबे समय तक प्रभावशाली भूमिका निभाती रही हैं। वह 1996 से 2001 तक और फिर 2009 से अगस्त 2024 तक देश की प्रधानमंत्री रहीं। हालांकि, अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में शुरू हुए व्यापक आंदोलन और हिंसक प्रदर्शनों के बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद वह बांग्लादेश से भारत आ गई थीं और तब से यहीं रह रही हैं।
2025 में सुनाई गई थी मौत की सजा
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद शेख हसीना के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप में मुकदमा चलाया गया। वर्ष 2025 में एक विशेष न्यायाधिकरण ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। उन पर छात्र आंदोलन के दौरान सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई करने के आदेश देने का आरोप था। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक, आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में करीब 1,400 लोगों की मौत हुई थी, जबकि हजारों लोग घायल हुए थे।
ट्रिब्यूनल के फैसले को बताया राजनीतिक साजिश
शेख हसीना ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लगातार खारिज किया है। उन्होंने विशेष न्यायाधिकरण के फैसले को अवैध और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि देश लौटने का फैसला वह पूरी तरह कर चुकी हैं और संभावित कानूनी कार्रवाई या जान के खतरे के बावजूद अपने रुख में कोई बदलाव नहीं करेंगी।










