नई दिल्ली-ब्लड शुगर वालों के लिए AIIMS के डॉक्टर ने बताए ये असरदार टिप्स
खाने के 15 से 20 मिनट बाद टहलना सबसे मुफीद
तेज वॉक और हैवी वर्कआउट से पूरी तरह बचें
रोजाना 30 से 35 मिनट की नियमित वॉक भी है जरूरी
नई दिल्ली (BNE): अधिकांश लोगों की आदत होती है कि वे दोपहर या रात का खाना खाने के तुरंत बाद सीधे बिस्तर पर लेट जाते हैं या सोफे पर बैठकर आराम फरमाने लगते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती है। भोजन के बाद थोड़ी देर टहलना पूरे शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है और खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए यह किसी रामबाण से कम नहीं है। एम्स (AIIMS) नई दिल्ली के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश खड़गावत ने बताया कि भोजन के बाद सही समय पर टहलने से शरीर खाने से मिलने वाली शुगर का सही उपयोग कर पाता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में बड़ी मदद मिलती है।
खाने के 15 से 20 मिनट बाद टहलना सबसे मुफीद
डॉ. राजेश खड़गावत के अनुसार, भोजन करने के तुरंत बाद टहलने के बजाय करीब 15 से 20 मिनट रुककर वॉक शुरू करना सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है। दरअसल, खाना खाने के बाद खून में ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ता है। ऐसे में सामान्य गति से टहलने पर मांसपेशियां उस ग्लूकोज को सोखकर ऊर्जा में बदल देती हैं, जिससे ब्लड शुगर स्पाइक होने से बच जाता है। इसके लिए किसी थकाने वाली कसरत की जरूरत नहीं होती, बल्कि धीमी और सामान्य गति से टहलना भी शरीर के लिए पर्याप्त होता है।
तेज वॉक और हैवी वर्कआउट से पूरी तरह बचें
डॉक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भोजन के बाद अचानक बहुत तेज दौड़ना, तेज चाल से चलना या भारी वर्कआउट करना फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है। टहलते समय अगर किसी को सीने में भारीपन या दर्द, चक्कर आना अथवा असामान्य रूप से सांस फूलने जैसी तकलीफ महसूस हो, तो तुरंत रुक जाना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। दिल के मरीजों या पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अपनी वॉक और एक्सरसाइज का रूटीन तय करने से पहले फिजिशियन से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
रोजाना 30 से 35 मिनट की नियमित वॉक भी है जरूरी
डॉ. खड़गावत का कहना है कि खाने के बाद की हल्की चहलकदमी के साथ-साथ हर व्यक्ति को रोजाना सुबह या शाम करीब 30 से 35 मिनट की नियमित वॉक भी अपनी दिनचर्या में शामिल करनी चाहिए। नियमित सैर से न केवल डायबिटीज काबू में रहती है, बल्कि वजन नियंत्रित रखने और दिल को तंदुरुस्त बनाए रखने में भी मदद मिलती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ टहलने भर से मधुमेह पूरी तरह ठीक नहीं हो सकता, इसके लिए संतुलित आहार, भरपूर नींद और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाओं का नियमित सेवन बेहद आवश्यक है।









