Varanasi UP College Murder:मृतक छात्र के पिता ने रोकर कर डाली ये बड़ी मांग
पिता ने अंतिम संस्कार से किया मना,आरोपी के एनकाउंटर की मांग की
फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
लखनऊ (BNE) उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में उदय प्रताप कॉलेज कैंपस में दिनदहाड़े बीएससी के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मरकर हत्या कर दी गयी। इस घटना ने पूरे शहर को झकजोर कर रख दिया। उदय प्रताप कॉलेज के बीए चौथे सेमेस्टर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह को सुबह करीब 11 बजे सोशल साइंस फैकल्टी की बिल्डिंग के गलियारे में गोली मारी गई। चश्मदीदों के मुताबिक, उनके ही साथी छात्र मंजीत चौहान ने बेहद करीब से उन पर फायरिंग की। घटना के बाद कैंपस में तनाव बढ़ गया और झड़पें भी हुईं।
पिता ने अंतिम संस्कार से किया मना
वहीं, मृतक के पिता ने अपने बेटे का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया और मांग की है कि आरोपी को पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया जाए। बताया जा रहा है कि आरोपी ने चार गोलियां चलाईं, जिनमें से दो गोली छात्र सूर्य प्रताप सिंह के सिर और सीने में लगीं। वारदात के बाद वह पहली मंजिल की ओर भागा, दीवार फांदकर बाहर निकला और पास के कूड़े के ढेर में पिस्तौल फेंककर फरार हो गया, जिसे पुलिस ने बाद में बरामद कर लिया। घायल छात्र को पहले मालदहिया के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, फिर BHU ट्रॉमा सेंटर शिफ्ट किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गाजीपुर के रहने वाले सूर्य प्रताप सिंह पढ़ाई के लिए वाराणसी में रह रहे थे।
परिवार ने की बड़ी मांग
पोस्टमॉर्टम हाउस पर मृतक सूर्य प्रताप सिंह के पिता भावुक होकर रो पड़े और उन्होंने कहा कि जब तक आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपने बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस के साथ कुछ देर तक तनाव की स्थिति बनी रही, जिसके बाद शव को उनके शिवपुर स्थित घर ले जाया गया। सूर्य प्रताप सिंह अपने माता-पिता ऋषिदेव सिंह और किरण सिंह के इकलौते बेटे थे, दोनों ही अतुलानंद स्कूल में काम करते हैं, और परिवार में उनकी दो बहनें भी हैं।
कॉलेज में दिनदहाड़े हत्या
इस घटना के बाद कॉलेज परिसर में भारी तनाव फैल गया और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साए छात्रों ने मुख्य गेट बंद कर दिया, परिसर में तोड़फोड़ की और कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया। हालात इतने बिगड़ गए कि कम से कम तीन शिक्षकों पर भी हमला किया गया, जिसमें एक शिक्षक के सिर में चोट लगने के बाद उन्हें पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। स्थिति को काबू में करने के लिए कॉलेज में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और अंदर फंसे कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह मामला आपसी रंजिश से जुड़ा नजर आ रहा है और गोलीबारी छात्रों के बीच हुए निजी विवाद का नतीजा हो सकती है। पुलिस ने आरोपी मंजीत चौहान और उसके साथी अनुज ठाकुर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, जो घटना के समय मौके पर मौजूद बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।









