इजरायली सेना की गोलियों के साए में 30 देशों के राजनयिक, दुनिया दहली – जेनिन में मचा हड़कंप
ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, चीन समेत कई देशों के प्रतिनिधिमंडल पर इजरायली फौज ने की फायरिंग, आईडीएफ ने दी सफाई – ‘मार्ग से भटक गए थे’
फिलिस्तीन और इजरायल के बीच पहले से ही जारी तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ताजा घटनाक्रम में 30 देशों के राजनयिक उस वक्त बाल-बाल बचे जब इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने उनके ऊपर गोलीबारी कर दी। यह चौंकाने वाली घटना पश्चिमी तट के जेनिन इलाके में घटी, जहां ये राजनयिक एक मानवीय शिविर का जायजा लेने पहुंचे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राजनयिक जब इलाके का दौरा कर रहे थे तभी IDF ने पहले उन्हें चेतावनी दी कि वे क्षेत्र में आगे न बढ़ें क्योंकि वहां सैन्य अभ्यास चल रहा था। लेकिन जैसे ही प्रतिनिधिमंडल ने आगे कदम बढ़ाया, अचानक गोलियों की बौछार शुरू हो गई। अफरातफरी में सभी राजनयिक भागते हुए नजर आए। घटनास्थल पर चीख-पुकार और सायरनों की आवाजों ने माहौल को और भयावह बना दिया।
घटना के बाद IDF ने सफाई देते हुए कहा कि प्रतिनिधिमंडल गलती से प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर गया था और फायरिंग केवल चेतावनी स्वरूप की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जांच की जा रही है।
प्रतिनिधिमंडल में ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, चीन, कनाडा और यूरोपीय संघ के वरिष्ठ राजनयिक शामिल थे। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “राजनयिकों के जीवन पर खतरा अस्वीकार्य है।”
फिलिस्तीनी विदेश मंत्रालय ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक नियमों की अवमानना बताया है और इजरायल पर “व्यवस्थित लापरवाही” का आरोप लगाया है। यह घटना अब वैश्विक कूटनीतिक हलकों में एक बड़ी चिंता का विषय बन चुकी है।










