
सोनभद्र-अधिवक्ता समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करे सरकार ,और न्याय व्यवस्था की गरिमा को बनाए रखे-राघवेंद्र नारायण
वाराणसी मे अधिवक्ताओं पर दर्ज फर्जी मुकदमों को तत्काल वापस ले सरकार
सूबे की सरकार मे जब वही सुरक्षित नहीं रहेगा तो न्याय की लड़ाई कौन लड़ेगा । आम जनमानस का भरोसा न्याय व्यवस्था से उठ जाएगा।
सोनभद्र (BNE)एन एस यू आई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय सचिव एवं अधिवक्ता राघवेंद्र नारायण ने वाराणसी में अधिवक्ताओं के साथ हाल ही में घटी घटनाओं की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं के साथ किए गए उत्पीड़न को न्याय व्यवस्था पर हमला करार देते हुए तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस संदर्भ में सरकार से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने, वाराणसी मे अधिवक्ताओं पर दर्ज फर्जी मुकदमों को तत्काल वापस लेने, उत्पीड़नत्मक कार्रवाई तत्काल बंद करने और इस घटना की जांच इलाहाबाद हाईकोर्ट के सिटिंग जज द्वारा कराने की मांग की है।
वाराणसी में पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच जो टकराव हुआ, जिसमें पुलिसकर्मियों द्वारा अधिवक्ताओं के साथ उत्पीड़नत्माक व्यवहार , हिंसक रवैया और फर्जी मुक़दमे लादे गये यह कत्तई उचित नहीं है। अधिवक्ताओं को अक्सर निशाना बनाकर उनपर हमला किया जा रहा है और सूबे की सरकार मूकदर्शक बनी हुई। सूबे की सरकार को अधिवक्ताओ के हितो की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरुरी और कड़े कदम उठाने चाहिए।
वरिष्ठ नेता एवं अधिवक्ता राघवेंद्र नारायण ने कहा की “अधिवक्ता समाज आम जनमानस के लिए न्याय की अंतिम किरण है” सूबे की सरकार मे जब वही सुरक्षित नहीं रहेगा तो न्याय की लड़ाई कौन लड़ेगा । आम जनमानस का भरोसा न्याय व्यवस्था से उठ जाएगा।
पिछले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं के साथ पुलिस दुर्व्यवहार की कई घटनाएं सामने आई हैं। उदाहरण के लिए, नवंबर 2024 में गाजियाबाद जिला अदालत में जिला जज के साथ विवाद के बाद पुलिस ने अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई अधिवक्ता घायल हुए और पूरे प्रदेश में हड़ताल हुई। मार्च 2025 में लखनऊ के विभूति खंड में अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच टकराव में पुलिसकर्मियों पर हमले और दुर्व्यवहार के आरोप लगे, जिसके बाद 9 पुलिसकर्मियों पर मुकदमे दर्ज हुए। इसी माह संभल जिले में वरिष्ठ अधिवक्ता जफर अली की गिरफ्तारी पर अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें पुलिस ने उन्हें गवाही देने से रोकने का प्रयास किया। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि अधिवक्ताओं को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
राघवेंद्र नारायण ने चेतावनी दी कि यदि ये मांगें पूरी नहीं हुईं, तो अधिवक्ता समाज अब चुप नहीं बैठेगा आर पार की लड़ाई लड़ेगा और न सिर्फ प्रदेश मे बल्कि देशव्यापी आंदोलन छेडेगा।
उन्होंने सरकार से अपील की कि अधिवक्ता समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करे और न्याय व्यवस्था की गरिमा को बनाए रखे, ताकि अधिवक्ता बिना किसी भय के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें
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