नई दिल्ली-हवाई यात्रियों को पीएम मोदी ने दी ये राहत भरी खबर 28 हजार करोड़ रूपये से बनेगें 100 एयरपोर्ट
इस बड़े फैसले से आने वाले समय में हवाई यात्रा का दायरा और भी व्यापक होने वाला है।
अगले 10 सालों तक जारी रहेगी उड़ान-2.0 योजना
नई दिल्ली (BNE ): हवाई यात्रा करने वालों को केंद्र सरकार ने एक बड़ी राहत भरी खबर दी है। पीएम मोदी के अगुवाई में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल के साथ हुई अहम् बैठक में एक अहम् फैसला लिया गया है। इस फैसले में ‘उड़ान-2.0’ योजना को हरी झंडी दे दी गई है। इस नई और महत्वाकांक्षी योजना के तहत देशभर में 100 नए एयरपोर्ट्स विकसित किए जाएंगे। सरकार ने इस विशाल प्रोजेक्ट के लिए 28,840 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट भी मंजूर कर लिया है। इस बड़े फैसले से आने वाले समय में हवाई यात्रा का दायरा और भी व्यापक होने वाला है।
अगले 10 सालों तक जारी रहेगी उड़ान-2.0 योजना
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पास किए गए प्रस्ताव के अनुसार, यह मॉडिफाइड उड़ान योजना अगले 10 सालों तक प्रभावी रहेगी। इसे आगामी वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2035-36 तक लागू करने का पूरा खाका तैयार किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी समयावधि के लिए 28,840 करोड़ रुपये का बजटीय सपोर्ट रखा गया है, ताकि नए एयरपोर्ट्स के निर्माण और विकास कार्यों में कोई आर्थिक अड़चन न आए।
छोटे शहरों में व्यापार और पर्यटन को मिलेगी जबरदस्त रफ्तार
कैबिनेट बैठक में लिए गए इन बड़े फैसलों की विस्तार से जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि उड़ान-2.0 योजना का सीधा फायदा देश के छोटे शहरों को मिलेगा। इस योजना से टियर-2 और टियर-3 शहरों में एयर कनेक्टिविटी काफी हद तक बढ़ जाएगी। इन शहरों का मजबूत हवाई नेटवर्क से जुड़ने का सीधा मतलब है कि वहां आर्थिक गतिविधियों, स्थानीय व्यापार और पर्यटन को एक जबरदस्त बूम मिलेगा, जिससे भविष्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
आम आदमी को हवाई सफर कराने के लिए 2016 में हुई थी शुरुआत
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने देश के आम और मध्यम वर्गीय नागरिकों के लिए हवाई यातायात को सस्ता और सुलभ बनाने के मकसद से अक्टूबर 2016 में पहली बार उड़ान योजना को लॉन्च किया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाना था। अगर पिछले 9 सालों की उपलब्धियों पर नजर डालें तो इस योजना के तहत अब तक देशभर में 95 एयरपोर्ट्स, हेलीपोर्ट्स और वाटर एयरोड्रोम्स को सफलतापूर्वक विकसित किया जा चुका है और कुल 663 नए हवाई मार्गों (रूट्स) पर उड़ानें सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं।









