नई दिल्ली-नितिन नबीन बने 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष; मोदी-शाह ने दी बधाई
नड्डा बोले- ‘ऊर्जावान हाथों में है दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी’
‘पिता की विरासत से शीर्ष पद तक का सफर
नई दिल्ली (BNE ): भाजपा को आज नया कप्तान मिल गया है। पार्टी ने बिहार के दिग्गज नेता और 5 बार के विधायक नितिन नबीन को अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया है। नितिन नबीन को निर्विरोध इस पद के लिए चुना गया है। खास बात यह है कि वह बीजेपी के शीर्ष पद पर आसीन होने वाले अब तक के सबसे युवा नेता हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद नबीन को अध्यक्ष बनने पर बधाई दी और उनके नेतृत्व में पार्टी के आगे बढ़ने की उम्मीद जताई है।
नड्डा की जगह संभाली कमान, दिग्गजों का मिला साथ
नितिन नबीन ने निवर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा का स्थान लिया है, जो साल 2020 से पार्टी की कमान संभाल रहे थे। अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया के दौरान नबीन एकमात्र उम्मीदवार थे, जिसके चलते उनकी ताजपोशी तय मानी जा रही थी। उनके समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण ने घोषणा की कि नबीन के पक्ष में नामांकन पत्रों के कुल 37 सेट दाखिल किए गए थे, जिनमें से सभी वैध पाए गए। इसके साथ ही वह पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं।
नड्डा बोले- ‘ऊर्जावान हाथों में है दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी’
नितिन नबीन के अध्यक्ष बनने पर निवर्तमान अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने खुशी जाहिर की। उन्होंने नबीन को नई जिम्मेदारी की शुभकामनाएं देते हुए इसे एक ऐतिहासिक अवसर बताया। नड्डा ने कहा कि आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी की बागडोर एक नौजवान, ऊर्जावान और प्रतिभावान नेता के हाथों में है। उन्होंने करोड़ों कार्यकर्ताओं की ओर से नबीन का स्वागत किया और विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में पार्टी नई ऊंचाइयों को छुएगी।
पिता की विरासत से शीर्ष पद तक का सफर
नितिन नबीन का जन्म 1980 में हुआ था, संयोग से इसी साल भारतीय जनता पार्टी की स्थापना भी हुई थी। वह एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी बीजेपी के कद्दावर नेता थे और चार बार विधायक रहे। पिता के निधन के बाद साल 2006 में नितिन नबीन ने राजनीति में कदम रखा और पटना पश्चिम सीट से उपचुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने। इसके बाद परिसीमन में बनी बांकीपुर सीट से उन्होंने 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार चुनाव जीतकर अपनी पकड़ मजबूत की। बिहार सरकार में मंत्री रहने और पिछले महीने कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद अब उन्हें पार्टी का सर्वोच्च पद सौंपा गया है।










