NEW DELHI-जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद कन्हैया कुमार का विवादित बयान
इशारों इशारों में कहा कि ‘भगोड़ापन उनकी पुरानी आदत है। बचपन में स्कूल छोड़कर भाग जाते हैं और बुढ़ापे में देश छोड़कर।’
नई दिल्ली (BNE) उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब सत्ता पक्ष पर विपक्षी दल आक्रामक हो गए है। इसी बीच कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने बिना नाम लिए इशारों इशारों में कहा कि ‘भगोड़ापन उनकी पुरानी आदत है। बचपन में स्कूल छोड़कर भाग जाते हैं और बुढ़ापे में देश छोड़कर।’ कन्हैया के इस बयान को जगदीप धनखड़ और संघ से जोड़कर देखा जा रहा है।
कन्हैया ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “भगोड़ापन उनकी पुरानी आदत है। बचपन में स्कूल छोड़कर भाग जाते हैं। जवानी में पत्नी छोड़कर भाग जाते हैं। बुढ़ापे में देश छोड़कर भाग जाते हैं। ये संस्कार उन्होंने अपने ‘संगठन’ से सीखे हैं, जो स्वतंत्रता आंदोलन छोड़कर भाग गया था।” माना जा रहा है कि उन्होंने ‘बुढ़ापे में देश छोड़कर भाग जाना’ वाला बयान जगदीप धनखड़ पर निशाना साधते हुए कहा है। हालाँकि, धनखड़ देश छोड़कर नहीं भागे हैं, बल्कि उन्होंने उपराष्ट्रपति पद की ज़िम्मेदारी से इस्तीफा दिया है। यह भी ध्यान रखें कि धनखड़ संघ की पृष्ठभूमि से नहीं आते हैं।
जगदीप धनखड़ ने सोमवार देर शाम अपने पद से इस्तीफा दे दिया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा भेज दिया। मुर्मू को भेजे अपने इस्तीफे में धनखड़ ने कहा कि वह स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ रहे हैं। हालाँकि, उनके इस्तीफे के बाद से कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं ने भी धनखड़ के इस्तीफे पर आश्चर्य जताया और कहा कि असली वजह कुछ और हो सकती है।
अशोक गहलोत ने खड़गे की तारीफ की
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, जिन्होंने हाल ही में कहा था कि धनखड़ दबाव में हैं, ने उपराष्ट्रपति के इस्तीफे पर आश्चर्य जताया और उनके काम की भी तारीफ की। गहलोत ने कहा कि धनखड़ राजस्थान के रहने वाले हैं, इसलिए इससे राजस्थान को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि धनखड़ किसानों की बात करते थे, चाहे वह संसद के अंदर हो या बाहर, जब किसान आंदोलन हुआ था, तब भी उन्होंने लगातार उनके पक्ष में आवाज उठाई थी और हाल ही में उन्होंने कृषि मंत्री को फटकार भी लगाई थी।










