
कन्नौज: प्रभारी मंत्री ने गिनाई केंद्रीय बजट की खूबियाँ, बताया सर्वसमावेशी और विकासोन्मुख
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज। उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री/प्रभारी मंत्री रजनी तिवारी ने सर्किट हाउस सभागार में केंद्रीय बजट 2026- 27 के संबंध प्रेस वार्ता के दौरान अपने संबोधन में कहा कि केन्द्रीय बजट 2026-27 किसान, युवा, महिला और गरीब वर्ग की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।
यह बजट रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन को एक सूत्र में पिरोते हुए मजबूत भारत के निर्माण की दिशा में निर्णायक कदम है।
बजट राष्ट्र और समाज के प्रति प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का बोध कराता है।
युवा शक्ति और समावेशी विकास को केंद्र में रखकर बजट प्रस्तुत किया गया है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में योजनाओं का प्रभाव जमीन पर स्पष्ट दिखा है।
25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर निकलकर देश की प्रगति में सहभागी बने हैं।
भारत तेजी से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है।
‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया है।
मंत्री ने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के लिए बजट नई संभावनाओं के द्वार खोलता है।
एमएसएमई सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। देश की 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स में सर्वाधिक उत्तर प्रदेश में, जिनसे लगभग 3 करोड़ लोग जुड़े हैं।
ओडीओपी योजना के माध्यम से ब्रांडिंग, डिजाइनिंग, पैकेजिंग और निर्यात को बढ़ावा।
12.20 लाख करोड़ रुपये का इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड घोषित।
07 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, जिनमें से 02 (दिल्ली–वाराणसी, वाराणसी–सिलीगुड़ी) उत्तर प्रदेश को मिले। रेल की गति 300–500 किमी प्रति घंटा तक होगी।
लॉजिस्टिक हब के रूप में उभरता उत्तर प्रदेश
ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर प्रदेश से होकर गुजर रहे हैं। गौतमबुद्धनगर, कानपुर और वाराणसी को मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
वाराणसी–हल्दिया इनलैंड वॉटर-वे संचालित।
प्रयागराज, अयोध्या, राप्ती और गोमती नदी में वॉटर-वे विस्तार की योजना। कार्गो मूवमेंट बढ़ेगा और परिवहन लागत घटेगी।
ललितपुर में 1200 एकड़ में बल्क ड्रग पार्क का निर्माण। बायो-फार्मा सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान।
मेडिकल डिवाइस पार्क यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में एडवांस स्टेज में। 22,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से डेटा सेंटर निर्माण।
700 मेगावॉट क्षमता के डेटा सेंटर स्थापित।
उत्तर प्रदेश में 1.05 लाख से अधिक राजस्व ग्राम। ग्रामीण उत्पादों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने की पहल। स्थानीय कारीगरों को बेहतर मूल्य और युवाओं को स्वावलंबन मिलेगा।
महिला कार्यबल 12% से बढ़कर 36% हुआ।
कामकाजी महिलाओं के लिए 7 हॉस्टल पहले से उपलब्ध हैं। छात्राओं के लिए नए हॉस्टल निर्माण को गति।
पर्यटन के नए हब के रूप में उत्तर प्रदेश
प्रयागराज, काशी, अयोध्या, मथुरा, वृंदावन, विंध्यवासिनी धाम और बौद्ध परिपथ प्रमुख उदाहरण। माघ मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी सांस्कृतिक विरासत और रोजगार को बढ़ावा। 15 आर्कियोलॉजिकल साइट्स का विकास।
10,000 टूरिस्ट गाइड्स को प्रशिक्षण।
युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार।सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में अग्रणी प्रदेश
देश के इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादन का 60% उत्तर प्रदेश में जिसकी अनुमानित उत्पादन मूल्य 2 लाख करोड़ रुपये।
5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए विशेष प्रावधान। प्रदेश की 225 शहरी निकायों को सीधा लाभ।
हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ता
सभी जनपदों में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर।
‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ लक्ष्य की ओर प्रगति। 98 जिला अस्पतालों की क्षमता वृद्धि, आयुष और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा।
03 नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की घोषणा। काशी को हेल्थ टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की दिशा।
खेल उद्योग को नई पहचान : ‘समर्थ’ योजना
खेल सामग्री मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन।
मेरठ, आगरा और कानपुर में स्पोर्ट्स क्लस्टर विकसित। मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी शीघ्र पूर्ण।
किसान और महिला समूहों को तकनीक से जोड़ने की पहल। भारत विस्तार प्लेटफॉर्म से किसानों को उनकी भाषा में जानकारी।
शी-मार्ट योजना से लखपति दीदियों को नया बाजार। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का नया केंद्र उत्तर प्रदेश। 06 डिफेंस कॉरिडोर नोड्स विकसित। 12,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव। ब्रह्मोस, ड्रोन और एम्युनिशन निर्माण में प्रगति।
डबल इंजन सरकार से आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश
इसी बजट के आधार पर राज्य बजट प्रस्तुत किया जाएगा। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्तर प्रदेश की निर्णायक भूमिका।
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