इस अवसर पर राज्यपाल जी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में राजभवन में स्वामी विवेकानंद जी के जीवन दर्शन को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया।
राजभवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा स्वामी विवेकानंद जी के जीवन, उनके विचारों एवं दार्शनिक सिद्धांतों पर आधारित पुस्तकों का पाठन किया गया तथा युवाओं और कर्मचारियों में रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए निबंध लेखन, पेंटिंग और कविता लेखन जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य स्वामी विवेकानंद जी के राष्ट्रनिर्माण, युवाओं के सशक्तिकरण और मानवीय मूल्यों पर आधारित संदेशों को प्रसारित करना था। राज्यपाल जी ने अपने संदेश में कहा कि स्वामी जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और युवाओं को अनुशासित एवं चरित्रवान बनकर राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर राजभवन के समस्त प्रमुख अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।










