भाजपा के काबिल प्रवक्तागण भाजपा संकट पर चुप क्यों? बहुजन क्रांति पार्टी
लखनऊ (BNE) बहुजन क्रांति पार्टी ने आज खुले तौर पर भाजपा से पूछा कि भाजपा के काबिल प्रवक्तागण अपने सेनापति के युद्ध में घिर जाने के बाद भाग क्यों खड़े हुए हैं? अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही भाजपा की स्थिति जब उनके अध्यक्ष के बयान से ही असहज हो रही है, ऐसे में भी उसके प्रवक्तागण ने मौन साध लिया है जो आश्चर्य का विषय है ।
बहुजन क्रांति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय प्रवक्ता केशवचन्द्र पाण्डेय ने गत दिनों दिए गए अपने बयान का हवाला देते हुए आज फिर कहा कि भाजपा का संकट दूर नहीं होगा। उसके अगले पन्द्रह दिन निर्णायक होंगे जो आगे भारी उलटफेर करायेंगे | सत्ता व संगठन दोनों की दृष्टि से यह समय परिवर्तनों का होगा। कुछ नए लोगों को मौका मिलेगा व कुछ भूलें सुधारी जायेंगी । वर्ष 2027 के होने वाले विधानसभा चुनावों को ये परिवर्तन प्रभावित करेंगे ।
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने साफ -साफ कहा था कि ग्रहयोगों के अनुसार सत्तादल अपनी भूलों का सुधार करेगा फिर भी हालात नहीं सुधरेंगे। ज्योतिषीय विश्लेषण व राजनीतिक अनुभवों के आधार पर उनका यह बयान था जो अब सच होगा। आगे के परिवर्तनों को रोका नहीं जा सकता। ब्राम्हण सम्मान की यह लड़ाई अब सवर्ण समाज की लड़ाई में बदलती जा रही है जिसके परिणाम भयावह होंगे ।
प्रवक्ता ने कहा कि सामाजिक व क्षेत्रीय असन्तुलन के कारण असहज होती जा रही भाजपा अगले चुनाव में मुँह की खाएगी। मात्र दो सीटों से आगे बढ़ने वाली भाजपा ब्राम्हणों के कोप का शिकार होने वाली है जिसे रोकना वर्तमान नेतृत्व के वश की बात नही है क्योंकि इस विषय में उसके पास इच्छाशक्ति व कार्यक्रमों का अभाव है। डैमेज कन्ट्रोल के लिए भाजपा को पार्टी में ब्राम्हणों को सम्मानित पद व कार्यक्रमों की घोषणा करनी चाहिए।










