lucknow-*उत्तर प्रदेश का टेक होम राशन कार्यक्रम बना वैश्विक सराहना का केंद्र*
*मुख्य सचिव के रोम दौरे में विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) का उत्तर प्रदेश में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना पर सहमति*
*प्रदेश को वैश्विक सहयोग और सम्मान की नई पहचान*
*लखनऊः*(BNE) प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने विश्व खाद्य कार्यक्रम (World Food Programme) द्वारा इटली की राजधानी रोम में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में प्रतिभाग लिया। ये बैठकें वैश्विक पोषण सुरक्षा, सतत कृषि विकास, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित थीं। इसमें संयुक्त राष्ट्र की कई संस्थाओं, वैश्विक विकास भागीदारों और विभिन्न देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस दौरान मुख्य सचिव ने उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं और नवाचारों को वैश्विक समुदाय के समक्ष प्रस्तुत करते हुए प्रदेश को एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में प्रदर्शित किया।
मुख्य सचिव ने डब्ल्यूएफपी की कार्यकारी निदेशक सुश्री सिंडी मैकेन से भी विस्तार से बातचीत की। इस दौरान उत्तर प्रदेश में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना के प्रस्ताव पर गंभीर विमर्श हुआ, जो राज्य में पोषण, खाद्य प्रसंस्करण, वितरण व्यवस्था और सामाजिक समावेशन पर शोध एवं क्षमता निर्माण को बढ़ावा देगा।
सुश्री मैकेन ने उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए डब्ल्यूएफपी की ओर से सभी आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश आने के औपचारिक आमंत्रण को भी सहर्ष स्वीकार किया।
मुख्य सचिव ने वर्ल्ड फूड प्रोग्राम मुख्यालय में आयोजित एक विशेष सत्र में टेक होम राशन (टीएचआर) कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी, जिसके माध्यम से प्रदेश में लगभग 70 लाख लाभार्थियों को पोषण सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने डब्ल्यूएफपी के तकनीकी सहयोग से कुपोषण की चुनौती का ठोस समाधान प्रस्तुत किया है। यह कार्यक्रम केवल एक वितरण प्रणाली नहीं है, बल्कि महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी से यह आजीविका संवर्धन का भी एक प्रभावशाली माध्यम बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मजबूत नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस योजना को जमीनी स्तर तक पहुँचाने में दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की है, जिससे लाभार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण पोषण सामग्री समय से पहुँचे।
‘Friends of Nutrition’ द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के विशेष सत्र में उत्तर प्रदेश के THR मॉडल को एक सफल और अनुकरणीय उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया।
मुख्य सचिव ने बताया कि किस प्रकार यह पहल न केवल पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सहभागिता को भी नई दिशा देती है। उन्होंने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया कि वे उत्तर प्रदेश में आकर इस नवाचार का प्रत्यक्ष अनुभव लें और इससे सीख लेकर अपने देशों में इस प्रकार की योजनाओं को लागू करने पर विचार करें।
खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के सहायक महानिदेशक श्री राकेश मुथू के साथ हुई बैठक में कृषि, खाद्य सुरक्षा और किसानों के जीवनस्तर को बेहतर बनाने से संबंधित विषयों पर सकारात्मक संवाद हुआ। दोनों पक्षों ने उत्तर प्रदेश में एफएओ के तकनीकी सहयोग को और मजबूत एवं व्यावहारिक बनाने पर सहमति व्यक्त की।
चर्चा में विशेष रूप से सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने, जलवायु अनुकूल खेती के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करने, तथा किसानों को नवाचारों से जोड़ने पर बल दिया गया।
इन बैठकों के दौरान प्रदेश की उपलब्धियों और योजनाओं की जो वैश्विक स्तर पर सराहना हुई, उसका श्रेय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के मजबूत नेतृत्व और दूरदर्शी नीतियों को जाता है, जिनके मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में विकास के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। चाहे वह कुपोषण से मुक्ति हो, कृषि में नवाचार हो या महिला सशक्तिकरण – राज्य सरकार ने हर पहलू पर गंभीरता से काम किया है और नीतियों को धरातल पर उतारकर परिणाम देने का कार्य किया है।
खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश अब एक प्रेरक मॉडल बनकर उभर रहा है, जो अन्य राज्यों और देशों के लिए भी अनुकरणीय साबित होगा। यह यात्रा राज्य के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने वाली है और इसके सकारात्मक प्रभाव आने वाले समय में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होंगे।
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