इंदौर-आग का गोला बनी कार ,मासूम बच्चे की जलकर हुई मौत
सेंट्रल लॉक हुई गाड़ी, बेबस पिता के सामने छिन गई जिंदगी
8 साल की मन्नतों से मिला था बेटा, मातम में बदला परिवार
इंदौर (BNE ): मध्य प्रदेश के इंदौर से एक दुखद खबर मिल रही है। यहाँ एक खड़ी कार में में देखते ही देखते आग लग गयी और कार आग का गोला बन गई। इस हादसे में कार के अंदर फंसे साढ़े तीन साल के बच्चे की जलकर मौत हो गयी। यह खौफनाक हादसा उस वक्त हुआ जब पिता अपने एक दोस्त की गाड़ी ठीक कराने पहुंचे थे और मासूम बच्चा जिद करके उनके साथ चला गया था।
दोस्त की मदद करने पहुंचे थे पिता, कार में बैठा था मासूम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रालामंडल निवासी संजय बहेडिया शनिवार सुबह अपने मित्र मनीष की खराब डीजे गाड़ी ठीक कराने के लिए सिमरोल पहुंचे थे। बाहर तेज धूप होने के कारण संजय ने अपने बेटे चिराग को अपनी कार में बैठा दिया और गाड़ी की खिड़कियां खोलकर दोस्त के साथ काम में लग गए। करीब आधे घंटे बाद अचानक कार से पहले धुआं उठा और फिर भयानक लपटें निकलने लगीं। शोर सुनकर पिता दौड़े, लेकिन तब तक आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया था।
सेंट्रल लॉक हुई गाड़ी, बेबस पिता के सामने छिन गई जिंदगी
आग लगते ही कार के दरवाजे पूरी तरह से लॉक हो गए। संजय और उनके दोस्त ने कार के दरवाजे खोलने की बहुत कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे। बेबसी के बीच गाड़ी का कांच भी तोड़ा गया, मगर तब तक आग भीषण रूप ले चुकी थी। पानी और फायर एक्सटिंग्यूशर की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन मासूम को मौत के मुंह से नहीं निकाला जा सका। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चा 100 प्रतिशत तक जल चुका था।
जान बचाने के लिए पीछे भागा था बच्चा
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पिता ने चिराग को आगे की सीट पर बैठाया था, लेकिन उसका झुलसा हुआ शव गाड़ी की पिछली सीट पर मिला। इस दिल दहला देने वाली स्थिति से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि आग डैशबोर्ड की तरफ से लगनी शुरू हुई होगी। आग की लपटें देखकर मासूम ने जान बचाने के लिए पीछे की तरफ भागने की कोशिश की होगी, लेकिन बंद दरवाजों ने उसे बाहर निकलने का कोई मौका नहीं दिया।
8 साल की मन्नतों से मिला था बेटा, मातम में बदला परिवार
परिजनों ने बताया कि संजय और मीनू की शादी को 12 साल हो चुके हैं। उनकी एक 10 वर्षीय बेटी मुस्कान है, जबकि बेटे चिराग का जन्म 8 साल की लंबी मन्नतों के बाद हुआ था। परिवार ‘शिवा बाबा’ से की गई मन्नत उतारने की खुशियों भरी तैयारी कर रहा था, लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने सारी खुशियां छीन लीं। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही मासूम का शव घर पहुंचा, पूरे मोहल्ले की आंखें नम हो गईं। मां मीनू बार-बार बेटे को याद कर बेसुध हो रही हैं और पिता संजय का विलाप देखकर हर किसी का कलेजा कांप गया।
पुलिस कर रही शॉर्ट सर्किट के एंगल से जांच
इस पूरे मामले में सिमरोल थाना पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी कुलदीप खत्री ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। मौके पर पहुंची एफएसएल टीम ने साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। पुलिस इस बात की भी बारीकी से जांच कर रही है कि कार की वायरिंग, बैटरी या एसी यूनिट में पहले से कोई तकनीकी खराबी तो नहीं थी जिसकी वजह से यह हादसा हुआ









