



अमेरिका के ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ पर भारत का बड़ा प्लान!
मोदी सरकार ने बनाई रणनीति, 2 अप्रैल को ट्रंप के ऐलान पर रहेगी पैनी नजर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2 अप्रैल को भारत समेत कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान करने वाले हैं। ट्रंप का कहना है कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ में कमी करेगा, जिससे अमेरिका को व्यापार घाटे से राहत मिलेगी। इस नए टैरिफ से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ सकता है।
क्या है ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’?
‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ का मतलब ‘जैसे को तैसा’ होता है। यानी जिस देश ने अमेरिकी उत्पादों पर जितना टैरिफ लगाया, अमेरिका भी उसके उत्पादों पर उतना ही टैरिफ लगाएगा। इससे भारत सहित यूरोप और अन्य देशों पर असर पड़ सकता है। भारत में औसत टैरिफ दर 17% है, जो अमेरिका की तुलना में अधिक है।
भारत का जवाबी प्लान!
मोदी सरकार ने इस नई चुनौती से निपटने के लिए तीन चरणों का प्लान (A, B और C) तैयार किया है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका किन सेक्टर्स पर टैरिफ बढ़ाता है और भारत पर इसका कितना असर पड़ेगा।
- प्लान A: अमेरिका को टैरिफ में आंशिक छूट देकर बातचीत का रास्ता अपनाना।
- प्लान B: चुनिंदा सेक्टर्स में जवाबी टैरिफ लगाकर संतुलन बनाना।
- प्लान C: द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर तेजी से काम कर अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्ते सुधारना।
भारत घरेलू उद्योगों और निर्यातकों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसला लेगा। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि अमेरिका के इस कदम पर मोदी सरकार किस तरह जवाब देती है और भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का भविष्य क्या होगा!