ग्वालियर-रिटायर्ड जिला आबकारी अधिकारी के ठिकानों पर हुई छापेमारी अभियान में मिलीं सोने की सिल्लियां और…
रिटायर्ड अधिकारी और उनके परिवार के नाम पर ग्वालियर और इंदौर के अलावा उत्तर प्रदेश के इटावा में भी संपत्तियां हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और बैंक लॉकर्स खुलने के बाद संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ग्वालियर (BNE ): मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक भ्रस्टाचार से जुडी बड़ी खबर मिल रही है। यहाँ रिटायर्ड जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के ठिकानों पर छापेमारी अभियान में अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है।ये कारवाही आय से अधिक संपत्ति मामले में हुई है।
लोकायुक्त पुलिस के उपाधीक्षक (DSP) सुनील तलान ने बताया कि यह छापेमारी ग्वालियर और इंदौर में भदौरिया से जुड़े सात ठिकानों पर एक साथ की गई। जांच में पता चला कि रिटायर्ड अधिकारी और उनके परिवार के नाम पर ग्वालियर और इंदौर के अलावा उत्तर प्रदेश के इटावा में भी संपत्तियां हैं।
छापे में क्या-क्या मिला?
डीएसपी तलान के अनुसार, अब तक की जांच में भदौरिया और उनके परिवार की 8 से 10 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला है। इस छापेमारी के दौरान टीम को लगभग 1.05 करोड़ रुपये नकद, करीब 1.5 किलोग्राम सोने की सिल्लियां (गोल्ड बार) और लगभग एक किलोग्राम सोने के आभूषण बरामद हुए हैं। इसके अलावा, परिवार के पास से तीन-चार महंगी गाड़ियां भी मिली हैं और 7 से 8 बैंक खातों व लॉकर्स की जानकारी प्राप्त हुई है, जिनकी जांच की जा रही है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि भदौरिया परिवार ने अपना पैसा फिल्मों में भी निवेश किया है।
31 अगस्त को ही हुए थे रिटायर
धर्मेंद्र सिंह भदौरिया इसी साल 31 अगस्त को आलीराजपुर के जिला आबकारी अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। लोकायुक्त को उनके खिलाफ शिकायत मिली थी कि उन्होंने और उनके परिवार ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। शिकायत की पुष्टि के बाद यह कार्रवाई की गई।
लोकायुक्त पुलिस फिलहाल भदौरिया और उनके परिवार की सभी संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और बैंक लॉकर्स खुलने के बाद संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।









