



म्यांमार में भीषण भूकंप: 694 की मौत, 1670 घायल, संयुक्त राष्ट्र ने की 5 मिलियन डॉलर की मदद की घोषणा
भूकंप से म्यांमार और थाईलैंड में तबाही, भारत सहित कई देशों ने भेजी सहायता
शुक्रवार को म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई। अब तक 694 लोगों की मौत हो चुकी है और 1670 से अधिक लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।
म्यांमार में भूकंप का प्रभाव
भूकंप का केंद्र मांडले शहर के पास 10 किलोमीटर की गहराई में था। इसके बाद 6.4 तीव्रता का एक और झटका आया, जिससे हालात और बिगड़ गए।
- मांडले, सागाइंग और नेपीता में अस्पताल घायलों से भर चुके हैं।
- 1.5 मिलियन आबादी वाले मंडाले में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ।
- फाया ताउंग मठ के मलबे में फंसे भिक्षुओं को निकालने का काम जारी है।
थाईलैंड में भी मचा हड़कंप
भूकंप का असर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी देखने को मिला, जहां 33 मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढहने से कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई।
संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न देशों से सहायता
- संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 5 मिलियन डॉलर की आपातकालीन सहायता की घोषणा की।
- भारत ने 15 टन से अधिक राहत सामग्री भेजने का ऐलान किया, जिसमें टेंट, भोजन, दवाइयाँ, स्लीपिंग बैग और वाटर प्यूरीफायर शामिल हैं। यह सामग्री भारतीय वायुसेना के C-130J विमान से हिंडन एयरबेस से भेजी जाएगी।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने म्यांमार को सहायता देने की पुष्टि की और कहा, “हम मदद करेंगे।”
भूकंप के झटके और बढ़ने की आशंका
- शुक्रवार रात 11:56 बजे 4.2 तीव्रता का एक और झटका आया, जिससे और नुकसान होने की संभावना है।
- भूकंप चीन के युन्नान और सिचुआन प्रांतों में भी महसूस किया गया।
म्यांमार की अपील: “हमें किसी भी देश से मदद चाहिए”
म्यांमार के सैन्य प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग ने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय समर्थन के लिए तैयार हैं और भारत सहित कई देशों से मदद स्वीकार कर रहे हैं।
पोप फ्रांसिस ने की प्रार्थना
वेटिकन ने बयान जारी कर बताया कि पोप फ्रांसिस, जो खुद गंभीर रूप से बीमार हैं, म्यांमार और थाईलैंड के पीड़ितों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
म्यांमार में आए इस भीषण भूकंप से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है, लेकिन आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय म्यांमार की मदद के लिए आगे आ रहा है, लेकिन अभी और सहायता की जरूरत बनी हुई है।